-यूको बैंक का फर्जी चैक लगाकर किया गया था आहरण, दिल्ली पुलिस ने पकड़ा था गिरोह
शिवपुरी / शहर के झांसी तिराहे पर स्थित यूको बैंक की शाखा में फर्जी चैक लगाकर सुप्रीम कोर्ट के वकील के खाते से एक करोड़ रुपये का आहरण करने वाले एक सेठ सहित उसके एक अन्य साथी को दिल्ली पुलिस गिरफ्तार करके ले गई है।
जानकारी के अनुसार कुछ महीने पहले सुप्रीम कोर्ट के एक वकील के खाते का करीब एक करोड़ रुपये का हुबहु चैक शिवपुरी स्थित यूको बैंक में परमानंद परिहार नामक खाताधारक के खाते में लगाया गया था। इस चैक का क्लीयरेंस के बाद भुगतान भी हो गया, लेकिन जब वकील के मोबाइल पर मैसेज पहुंचा तो वकील अचंभित रह गए। उन्होंने तत्काल बैंक को इस बात की सूचना दी कि जिस नंबर के चैक से पैसों का आहरण किया गया है, वह चैक तो उनके पास है। उन्होंने उक्त चैक से हुए भुगतान पर आपत्ति जताई तो बैंक ने खाते से भुगतान वापिस ले लिया क्योंकि उस समय तक खाताधारक ने खाते से पैसा आहरित नहीं किया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। सूत्र बताते हैं कि विवेचना के दौरान दिल्ली पुलिस ने एक गिरोह पकड़ा, उक्त गिरोह के तार इस चैक के आहरण से जुड़े हुए पाए गए। इस पर करीब छह माह पहले दिल्ली पुलिस शिवपुरी आई थी और परमानंद परिहार नामक युवक सहित कृष्णा मिष्ठान भंडार के संचालक पुरूषोत्तम अग्रवाल से पूछताछ की थी। तत्समय तो दिल्ली पुलिस यहां से लौट गई, लेकिन गुरूवार को एक बार फिर दिल्ली पुलिस टीआई जय प्रकाश नागर के नेतृत्व में शिवपुरी पहुंची और परमानंद परिहार व पुरूषोत्तम अग्रवाल को ट्रांजिट रिमांड पर पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई है। दिल्ली में इस मामले में चोरी, धोखाधड़ी सहित तमाम धाराओं में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध है।
ऐसे जुडे़ मिष्ठान भंडार के संचालक से तार
यूको बैंक के खाताधारक परमानंद परिहार के खाते में पैसा आया था। जब परमानंद परिहार से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह पुरूषोत्तम अग्रवाल से जरूरत पड़ने पर पैसा उधार लेते रहता था। वह कर्ज के बदले उससे ब्लैंक चैक साइन करवाकर लेते थे। इसी के चलते उन्होंने यूको बैंक में उसका खाता खुलवा दिया था। बैंक की पासबुक और चैकबुक उनके पास ही रहती थी। इसी क्रम में उक्त चैक उन्होंने ही उसके खाते में लगवाया था। परमानंद ने यह भी बताया कि इतनी बड़ी राशि का चैक उसके पास कहां से और कैसे आएगा। यहां बताना होगा कि पूर्व में तो परमानंद इस बात से भी मुकर गया था कि यह चैक उसने अपने खाते में लगाया है।
गहन जांच हो तो कई और नाम भी आएंगे सामने
इस पूरे मामले में पड़ताल के दौरान नईदुनिया को विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि अगर पुलिस गहनता से पूरे मामले की पड़ताल करे तो शिवपुरी के कई सेठों सहित एक सरदार भी पूरे मामले में लिप्त है। सूत्र बताते हैं कि यह चैक सरदार के माध्यम से ही पीना (जानवरों के खाने वाली खली) का व्यापार करने वाले सेठ के पास पहुंचा। इसके बाद यह चैक मिठाई वाले सेठजी तक गया। उन्होंने चैक को भुगतान के लिए परमानंद के खाते में लगवाया था।
इनका कहना है
-गुरूवार को दिल्ली पुलिस शिवपुरी आई थी। उन्होंने कोतवाली में आमद करवा कर झांसी तिराहा के लिए रवानगी करवाई। दिल्ली पुलिस दो लोगों को गिरफ्तार करके अपने साथ ले गई है। यह पूरा आपराधिक प्रकरण दिल्ली का ही है।
सुनील खेमरिया
टीआई कोतवाली






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