
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लगातार दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय लिए जाते रहे हैं। इस संबंध में डॉ. राम जी दास राठौर शिक्षाविद एवं समाजसेवी ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि कुछ समय पूर्व मध्य प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में वर्षों से कार्यरत अतिथि विद्वानों की नियुक्ति के समय मध्य प्रदेश की पीएससी परीक्षा मध्य प्रदेश शासन द्वारा आयोजित कराई गई। इस परीक्षा में मध्य प्रदेश के युवाओं का सामना पूरे देश के बेरोजगार युवाओं के साथ हुआ। जिसमें प्रदेश के युवाओं को रोजगार नाम मात्र के प्राप्त हो सके।
इसी क्रम में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ एक दुर्भाग्यपूर्ण कदम और उठाया गया है। जिसमें मध्य प्रदेश पुलिस विभाग के नोटिफिकेशन में मध्यप्रदेश के बेरोजगार युवाओं का सामना अब देश सभी राज्यों से आए बेरोजगार युवाओं के साथ होगा।
जहां चुनाव के समय मध्य प्रदेश सरकार द्वारा यह कहा जा रहा था कि प्रदेश के युवाओं को हम रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगे तथा सभी विभागों में मध्य प्रदेश के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो केवल अब एक चुनावी वादा बनकर रह गया है। एक तरफ सरकार वादे पर वादे करते जा रही है कि हम प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर देंगे वहीं दूसरी ओर इस तरह के निर्णय कहीं ना कहीं बेरोजगार युवाओं में निराशा का भाव पैदा करते हैं। शिक्षाविद एवं समाजसेवी होने के नाते मेरा मध्य प्रदेश सरकार से विनम्र आग्रह है कि पुलिस नोटिफिकेशन के बारे में एक बार पुन: विचार करें तथा प्रदेश के युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश के युवाओं को मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती की प्रक्रिया में प्राथमिकता प्रदान करें।






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