शिवपुरी। जिस खसरा नंबर की जगह फैक्ट्री के लिए आवंटित थी, उसकी जगह शासकीय खसरा नंबर से उत्खनन किया जाना प्रशासन की जांच टीम ने प्रथम दृष्टया पाया। जिसके चलते एसडीएम ने अलग से जांच दल बनाकर सीमांकन कराया जाने की बात कहकर फैक्ट्री सील करने के निर्देश दिए। मंगलवार को अनुभाग शिवपुरी के ग्राम खैरोना में छापामार कार्रवाई कर अवैध रूप से चल रही पत्थर फैक्ट्री और खदान का निरीक्षण संयुक्त रूप से एसडीएम और टीम ने किया। एसडीएम गणेश जैसवाल ने बताया कि इमरोल्ड पत्थर कटिंग और पालिश फैक्ट्री के प्रोपराइटर राजेंद्र लहरिया निवासी ग्वालियर को मौके पर बुलवाया,किंतु वह मौके पर नहीं आए।
फैक्ट्री के मैनेजर देवेंद्र कुशवाह की उपस्थिति में निरीक्षण किया जिसमे प्रारंभिक तौर पर पाया कि खदान की लीज वर्ष 2018 में ही समाप्त हो चुकी है। पूर्व में जो खदान से पत्थर निकाला गया वह भी प्रारंभिक तौर पर अवैध रूप से स्वीकृत खदान के अतिरिक्त भूमि पर पाया गया। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि विगत 4 वर्षों में प्रोपराइटर राजेंद्र लहरिया निवासी ग्वालियर द्वारा करोड़ों रुपए का अवैध उत्खनन किया। जिसमें स्वीकृत खसरा नंबर की जगह शासकीय खसरा नंबर से उत्खनन किया जाना प्रथम दृष्टया प्रतीत हो रहा है। जिसके लिए अलग से जांच दल बनाकर सीमांकन कराया जाएगा। मौके पर खनिज अधिकारी भदकारिया को बुलवाकर फैक्ट्री को सील कराते हुए अवैध खनन के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रोपराइटर द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण किया गया और अतिक्रमण कर खेती भी की जा रही है,जिसकी कार्रवाई एसडीएम द्वारा नायब तहसीलदार और हल्का पटवारी को निर्देशित किया गया, जिसमें पृथक से कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण दल में एसडीएम गणेश जायसवाल, नायब तहसीलदार आशीष यशवाल, थाना प्रभारी सुभाषपुरा सुनील राजपूत, खनिज अधिकार भदकारिया, राजस्व निरीक्षक पटवारी उपस्थित रहे।






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