शिवपुरी। कोतवाली पुलिस ने ब्लैकमेल व हनीट्रेप के मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उक्त लोगों पोहरी जनपद में लेखापाल के पद पर पदस्थ कर्मचारी को फंसाकर उसका अश्लील वीडियो बनाया आैर बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग की। वहीं गौर करने वाली बात यह है कि इस पूरी साजिश का खेल फरियादी के दोस्त ने ही रचा। मामले में पुलिस ने जांच के बाद दो पुरूष व एक लड़की को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है।
युवक ने बताया कि वह बचपन से ही पालियो के कारण अपाहिज है व पाेहरी जनपद में लेखापाल के पद पर पदस्थ है। 24 व 25 दिसंबर को उसके मोबाइल पर एक लड़की का फोन आया और पूछा कि तुम कौन, कहां से हो तथा उस लड़की ने मुझे अपना नाम वंदना होना बताया तथा गलती से फोन लगना बताया। जिस पर मैंने फोन काट दिया। लेकिन इस बीच उसके बार-बार फोन आते रहे और उससे बातचीत होने लगी। बात 1 व 2 जनवरी की है, वंदना ने मुझे मिलने बैराड़ बुलाया तो मैं वहाां चला गया। मेरे पास कोई रुकने की व्यवस्था नहीं तो उसने कहा कि मेरी मौसी के यहां रूकी हूं तुम भी वहीं रूक जाना, लेकिन मैंने मना कर दिया। 5 जनवरी को वंदना का फोन आया और कहा कि आपसे मिलना है। फतेहपुर में मेरा कमरा है और मैं बाजार में हूंं। जिस पर मैं बाजार गया यहाहं वंदना के साथ एक महिला भी थी। वंदना ने मुझे उस महिला के साथ फतेहपुर वाले कमरे पर भेज दिया और हम तीनों कमरे पर पहुंच गए। यहां वंदना मुझे सूने कमरे में ले गई और मेरे कपड़े उतार दिए और अश्लील हरकतें करने लगी। वहीं जो महिला साथ गई थी जिसका नाम मंजू था और एक लड़का भी वहां आ गया जिसे वंदना ने अपना भाई देवेंद्र कुशवाह बताया उन्होंने मेरा वंदना के साथ वीडियो बना दिया। इसके बाद दो अन्य लड़क भी मौके पर आ गए जिनको मंजू बंटी और रामवीर कहकर बुला रही थी। वहीं मुझे पता चला कि वंदना का एक और नाम गोली है। मेरा अश्लील वीडियो बनाकर व सोशल साइड पर वायरल करने की धमकी देकर मुझे ब्लैकमेल करने लगे और बलात्कार का केस लगने की धमकी देकर 5 लाख रुपए मांगे। जब इतने रुपए देने से मना कर दिया तो एक लाख रुपए पर आ गया। जिस पर अपने भाई अमित श्रीवास्तव के माध्यम से फोन पे के जरिए एक लाख रुपए ट्रांसफर करवा दिए। इन लोगों ने मेरा मोबाइल छीन लिया और खाते के सारे रुपए भी निकाल लिए। इसके बाद 9 जनवरी को मेरे पास फिर फोन आया और 50 हजार रुपए मांगे गए जिसको मैंने फोन पे के माध्यम से डाल दिए। इसके बाद भी ब्लैकमेलिंग नहीं रुकी और लगातार फोन आते रहे जिससे परेशान होकर मैंने थाने में आवेदन दिया।
आवेदन मिलने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और मामले में जांच शुरू कर दी। एसपी राजेशसिंह चंदेल, एएसपी प्रवीण कुमार भूरिया व सीएसपी अजय भार्गव ने तत्काल टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के लिए टीआई कातवाली सुनील खेमरिया, एएसआई दीपक पालिया, एसआई प्रियंका पाराशन, प्राआर. ऊदलसिंह, रामजी पाराशर, भूपेंद्र, शिवांशु, अजीत एवं साईबर सेल देवेंद्र के साथ टीम गठित कर सायबर सेल के माध्यम से जानकारी ली तो पता चला कि एक खास दोस्त ने बैराड़ की महिला को उसका मोबाइल नं. देकर उसे फसा कर ब्लैकमेल करने की साजिश रची थी। जिस पर बैराड़ की महिला ने अपने दो पुरूष साथी एवं दो लड़कियों की मदद से फरियादी को फांस कर ब्लैकमेलिंग की घटना को अंजाम दिया। हनी ट्रेप के प्रकरण में दो पुरूष एवं एक लड़की को गिरफ्तार कर ब्लेकमेिलिंग की राशि 40 हजार बरामर कर कार्रवाई की जा रही है।






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