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एसपी ऑफिस पहुंचा इमरत, कहा जिस पुत्र पर थे आश्रित उसकी कर दी हत्या, अब शासन से मिलने वाली राशि बहू ने अपने खाते में डलवाई / Shivpuri News

शिवपुरी। साहब…! अनुसूचित जाति जनजाति में आते हैं। आज से एक साल पहले नवंबर 2020 में मेरे पुत्र की शिवपुरी में रहने वाले युवक ने हत्या कर दी थी। मामले को लेकर थाने में केस दर्ज करवाया। यहां पुलिस ने केस दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि उनके पुत्र की मौत पर शासन द्वारा उन्हें सहायता राशि दी जाएगी जिसके लिए मैंने अपनी पासबुक व बैंक खाता नंबर दे दिया। वहीं पुत्र की पत्नी ने भी अपनी पासबुक व खाता नंबर दिया। लेकिन मिलने वाली सहायता राशि बहू के खाते में डाल दी गई और हमें कुछ भी नहीं मिला। अब बहू भी हमारे पास नहीं रहती है उसने दूसरी शादी कर ली है। साहब…! हम अपने पुत्र पर भी आश्रित थे लेकिन उसकी मौत के बाद हम बेसहारा हो गए हैं और भरण-पोषण के भी लाले पड़ गए। सहायता राशि को लेकर जब संबंधित विभाग में पूछताछ की तो उनका कहना था कि पुलिस ने सिर्फ एक ही खाता नंबर दिया था तो हमने सहायता राशि उसी खाते में डलवा दी। साहब. अब आप ही हमारी मदद करो। यह कहना था इमरत पुत्र विरखा जाटव निवासी ग्राम बडौरा तहसील करैरा का जो एसपी ऑफिस पनी फरियाद लेकर आया था।

इमरतलाल जाटव ने बताया कि धर्मेंद्र जाटव उसका पुत्र था और पूरे परिवार का भरण पोषण उसी के कंधों पर था। 20 नवंबर 2020 को सोनू उर्फ सुदामा झा निवासी शिवपुरी द्वारा उसके पुत्र की हत्या कर दी गई। मामले को लेकर देहात थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई। विवेचना के दौरान मेरे बयान लिए गए और पुलिस ने बताया कि शासन की ओर से आपको आर्थिक सहायता राशि मिलेगी इसके लिए इमरत ने अपने आधारकार्ड एवं बैंक की पासबुक पुलिस को दे दी। इमरत ने बताया कि पुत्र की पत्नी संगीता ने भी अपना बयान पुलिस को दर्ज करवाया और उससे भी सहायता राशि दिए जाने के लिए आधारकार्ड व पासबुक ले ली। लेकिन सहायता राशि हमें न मिल संगीता के खाते में डाल दी गई। जब मामले को लेकर आदिमजाति कल्याण िवभाग शिवपुरी में संपर्क किया तो पुलिस द्वारा केवल संगीता को सहायता राशि दिए जाने के लिए कार्रवाई की है। इमरत ने बताया कि पुलिस द्वारा जो कार्रवाई की वह बिलकुल गलत है। क्योंकि हम उसके माता-पिता है और उसी पर आश्रित थे इसलिए सहायता राशि हमें ही दिया जाना था। इमरत ने बताया कि उनके पास करीबन 2 बीघा जमीन है जो उसकी बहू के नाम है। अब गुजारे भत्ते के लिए उनके पास कोई साधन नहीं है। इमरत ने एसपी से मामले में कार्रवाई की मांग कर सहायता राशि दिलवाए जाने की मांग की है।

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