शिवपुरी। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर पालिका के सफाईकर्मचारी बीते 10 दिनों से हड़ताल पर थे। नपा प्रशासन ने सफाई कर्मचारियों की मांगों को मान लिया है, लेकिन इसके बाद भी कर्मचारी अंशकालिक को कलेक्टर वेतनमान देने की मांग पर अड़े हुए थे। मामले को देखते हुए आज खुद कलेक्टर अक्षय कुमार सफाई कर्मचारियों के बीच पहुंचे और उससे बातचीत की। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि आप सब हमारे भाई हो और मैं अपने परिवार के बीच आया है। आपकी जायज मांगें पूरी की जाएगी। इसके बाद भी अगर आप काम पर नहीं लौटे तो मैं खुद झाडू लेकर सड़कों पर उतर जाउंगा। कलेक्टर की बात सफाईकर्मचारियों को समझ मंे आई। इसके बाद कलेक्टर ने सफाईकर्मचारियों को लड्डू खिलाकर हड़ताल को समाप्त करवा दिया।
यहां बता दें कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर कचरे का ढेर बन गया था। हर तरफ सिर्फ कचरा ही कचरा बिखरा हुआ था। मामले को लेकर सीएमओ ने कई बार सफाई कर्मचारियों से बातचीत की लेकिन जब कोई बात बनते न दिखी तो आउटसोर्स कंपनी से सफाई कर्मचारी नियुक्त करने की योजना बनाई और उसके लिए टेंडर भी निकाल दिए। सीएमओ अवस्थी वैकल्पिक व्यवस्था आवश्यक है ताकि ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े और जनजीवन परेशान न हो।
नगर पालिका में कुल 300 सफाई कर्मचारी है जिसमें से 120 स्थाई है बाकी के अंशकालीक कर्मचारी है। अंशकालीन सफाईकर्मी नियमित सफाई कर्मचारियों के बराबर वेतन देने की मांग कर रहे थे और इसी को लेकर हड़ताल की गई थी। इसके साथ ही अन्य मांग जिसमें सफाईकर्मी की मौत के बाद उसके परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। नपा ने इन मांगों को स्वीकार कर लिया है।
दूसरी मांग सफाईकर्मियों की वेतन बढ़ाने की है। बताया जाता है कि क्लेरीकल मिस्टेक के कारण कुछ सफाईकर्मियों को कम वेतन मिला है। इस पर सीएमओ ने सफाईकर्मियों को आश्वस्त किया है कि पूरी जानकारी लेने के बाद जिनको राशि कम मिली है, उन्हें एरियर के माध्यम से राशि जारी करवा देंगे। तीसरी मांग ईपीएस की है। जिसमें कुछ सफाईकर्मियों के खाते में राशि जमा नहीं की गई है।
सीएमओ ने कहा कि वह यह मांग भी मानने को तैयार हैं। इन तीनों मांगों पर सफाईकर्मियों और नगर पालिका में सहमति बन गई। लेकिन चौथी मांग पर अभी भी तनातनी जारी है, जिसके कारण सफाईकर्मी हड़ताल वापिस लेने को तैयार नहीं थे। जिसके चलते उन्होंने कहा कि अगर हमें अंशकालीन भु्गतान किया जाता है तो हम अंशकालीन काम करेंगे। पूर्ण कालीन काम नहीं करेंगे। जिसपर कलेक्टर ने उन्हें अंशकालीन काम करने का आदेश दे दिया है।






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