शिवपुरी। विगत 6 दिनों से काम-काज ठप कर हड़ताल पर बैठे सफाईकर्मियों ने हड़ताल के दूसरे दिन से ही नगर पालिका में अघोषित तालाबंदी कर दी। विभिन्ना शाखाओं में कार्य करने के लिए आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को यह संदेश सफाईकर्मियों ने साफ-तौर पर दे दिया था कि हमारी मांगों के समर्थन में आप भी अपना काम न करें। सफाईकर्मियों द्वारा मांगे गए समर्थन के खिलाफ जाने की हिम्मत नगर पालिका में कोई कर्मचारी नहीं दिखा पाया और कमरों पर ताले लटक गए। इसके बाद नगर पालिका में कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया। नगर पालिका के जिम्म्ेदारों ने सफाईकर्मियों को समझाने के लाख प्रयास किए, लेकिन सफाईकर्मी इस तथ्य के लिए अड़े हैं कि पहले हमारी मांगों का शत-प्रतिशत निराकरण करो तब बाद में कोई बात बनेगी। बात बनाने के लिए सीएमओ शैलेष अवस्थी ने एक नहीं कई वार्ताएं सफाईकर्मियों के नेताओं के साथ की है। उन्होंने बातचीत से हड़ताल को समाप्त करने और किसी सार्थक नतीजे पर पहुंचने के लिए जो उनके स्तर पर संभव था उस सब पर सहमति प्रदान की। नेताओं को विश्वास दिलाने के लिए एक नहीं कई बार लिखित सहमति पत्र भी तैयार करवाया। जब बात नहीं बनी तो सीएमओ ने जिला प्रशासक एवं कलेक्टर अक्षय कुमार के साथ अपने ग्वालियर-भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों को वस्तु स्थिति से अवगत कराकर उनके मार्गदर्शन में आउटसोर्सिंग एजेंसियों से कार्य कराने के विकल्प पर कार्य करना शुरू कर दिया। यदि सफाईकर्मी अभी भी हड़ताल को खत्म करने राजी नहीं हुए तो शहर की सफाई आउटसोर्सिंग के माध्यम से निजी एजेंसी करेंगी।
नागरिकों की सुविधा के लिए आउटसोर्सिंग से काम कराने की योजना
नगर पालिका ने हड़ताल पर गए सफाईकर्मियों से निराश होकर सफाई कार्य के लिए विकल्प खोज लिए हैं। नगर पालिका आउटसोर्स के माध्यम से सफाई सुविधा का रास्ता अपना रही है। इसके लिए नगर पालिका ने एक कदम आगे बढ़कर विज्ञापन भी जारी कर दिया है जिसमें निजी कंपनियों से कचरा गाड़ियों के संपूर्ण संचालन की दरें मांगी गई हैं। साथ ही साथ नगरीय क्षेत्र की पूरी थीम रोड के सफाई कार्य को भी नामचीन निजी एजेंसियों से कराने की तैयारी भी कर ली गई है। जैसा महानगरों में होता है उसी तर्ज पर यह विकल्प खोजे गए हैं।
इनका कहना है
हड़ताल समाप्त करने के सभी सार्थक प्रयास विफल हो गए हैं जिसकी जानकारी हमने प्रशासक एवं कलेक्टर के साथ-साथ ग्वालियर एवं भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। नागरिकों की सेवा के लिए हमने आउटसोर्स एजेंसियों से कार्य कराने का विकल्प अपना लिया है। सफाईकर्मियों की मांग है कि विनियमिति कर्मचारियों को नियमित किया जाए। यह मांग उचित है, लेकिन यह अनुचित है कि जो नियमित कर्मचारी है वह भी इसी मांग के साथ हड़ताल पर हैं। डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने वाली वाहन व्यवस्था को ठप नहीं करना चाहिए था।
शैलेश अवस्थी, सीएमओ






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