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छात्रवृत्ति घोटाला:मंत्री यशोधरा राजे से मिले स्कूल संचालक / Shivpuri News

 स्कूल संचालक बोले- असली दोषियों को पकड़ना है तो फर्जी बैंक खातों की जांच कराएं

मंत्री ने कलेक्टर और एसपी से कहा- स्कूल संचालकों का भी पक्ष सुनें

 

शिवपुरी। शिक्षा माफिया ने ऐसा कोई स्कूल नहीं छोड़ा, जिसमें
छात्रवृत्ति घोटाला नहीं किया हो। शिक्षा माफिया के खिलाफ शिवपुरी शहर के
स्कूल संचालक लामबद्ध हो गए हैं। स्कूल संचालक मंगलवार की रात काे एकजुट
होकर कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया से मिले और कहा- फर्जीवाड़े की
पूरी जांच होने तक तीन स्कूलों के खिलाफ प्रकरण दर्ज होने से रोका जाए। इस
पर मंत्री यशोधरा राजे ने कलेक्टर और एसपी से इस मामले में स्कूल संचालकाें
का पक्ष सुनने की बात कही। मंत्री के आश्वासन के बाद स्कूल संचालकों को
राहत मिली है।

बता दें कि फर्जीवाड़े की आधी अधूरी जांच के
बाद पंडित नेहरू स्कूल, एसएनवी स्कूल और सुशील मोंटेसरी स्कूल के खिलाफ
एफआईआर के लिए कन्या संकुल शिवपुरी के प्राचार्य देवेंद्र टेड़िया ने थाने
में आवेदन दिया था। इस मामले में निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि असली
दोषियों को पकड़ना है तो फर्जी बैंक खातों की जांच कराई जाए।

शिक्षा
पोर्टल पर जिन अधिकारियों की लाॅगिन आईडी-पासवर्ड से मैपिंग हुई है, उनसे
जवाब तलब हो। स्कूल संचालकों का तर्क है कि उन्होंने जिन छात्रों की लिस्ट
संकुल केंद्रों को नहीं सौंपी, ऐसे कई फर्जी छात्रों को हमारे स्कूलों की
लिस्ट के साथ जोड़ दिया गया है।

फर्जी छात्र जोड़कर किन खातों
में राशि कराई है, उनकी जांच होने पर सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। क्योंकि
फर्जी छात्र जोड़ने वाले शिक्षा माफिया ने ही उन खातों से छात्रवृत्ति राशि
निकाली हैं। स्कूल संचालकों ने इस फर्जीवाड़े में विभाग के ही अफसरों की
मिलीभगत होने की आशंका जताई जा रही है।

स्कूल संचालक अब कलेक्टर के सामने रखेंगे अपनी बात

शिक्षा
माफिया ने निजी स्कूलों की आढ़ में छात्रवृत्ति घोटाले का बड़ा मकड़जाल बुना
है। शहर का ऐस एक भी बड़ा स्कूल नहीं बचा है, जहां माफिया ने फर्जी छात्र
दर्ज ना किया होगा। इसलिए स्कूल संचालक खुद आगे आकर शिक्षा माफिया काे
कठघरे में खड़ा कराने की जिद पर अड़ गए हैं। मंत्री से मुलाकात के बाद स्कूल
संचालक अब कलेक्टर के सामने विस्तार से अपनी बात रखेंगे।

विभाग ने अभी तक सरकारी स्कूलों को जांच में नहीं लिया

मैपिंग
में सरकारी स्कूलों में भी गड़बड़ी हुई है। छात्रवृत्ति घोटाले में सरकारी
स्कूलों को अभी जांच में नहीं लिया है क्योंकि कई फर्जी छात्रों की
ट्रैकिंग करने पर सरकारी से निजी स्कूल और निजी से सरकारी स्कूलों में दर्ज
दर्शाए जा रहे हैं। छात्रवृत्ति घोटाले की जांच जिस संभागीय जांच दल को
सौंपी है, उस पर सभी की निगाह टिकी हुईं हैं। लेकिन संभागीय दल की तरफ से
अभी तक जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

हाथीगढ़ से बिछाया छात्रवृत्ति घोटाले का जाल

जिले
में छात्रवृत्ति घोटाले का जाल शिवपुरी शहर से कुछ दूरी पर मौजूद गांव
हाथीगढ़ से बिछाया गया। यहां दो साल पहले बच्चों से संबंधित रिकाॅर्ड जलाकर
एक निजी स्कूल काे बंद करवा दिया गया। एसबीआई का कियोस्क सेंटर भी आनन फानन
में बंद कर दिया। संंबंधित खातों की ही जांच कराने से घोटालेबाज पकड़े
जाएंगे।

पहले मैपिंग और खातों की जांच हो

निजी
स्कूलों में फर्जी छात्रों की मैपिंग किसके आईडी व पासवर्ड से हुई और किन
खातों में छात्रवृत्ति की राशि जारी हुई है, पहले विभाग इसकी जांच कराए।
यही मांग मंत्री के सामने रखी है। अब कलेक्टर के सामने विस्तार से अपनी बात
रखेंगे।

-राजकुमार शर्मा, अध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

संकुल प्राचार्य से स्कूलों के दस्तावेज मंगवाए हैं

संकुल
प्राचार्य से हमारी बात हुई है, निजी स्कूलों को दस्तावेज गुरुवार को हमें
मिल जाएगा। मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। जांच पूरी हो जाने के बाद
ही आगे कुछ कह सकेंगे।

-हरिओम चतुर्वेदी, सहायक संचालक एवं सदस्य, संभागीय जांच दल ग्वालियर

 

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