
नर्मदा यात्रा पर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान लगाई थी सवालों की झड़ी
शिवपुरी।
मप्र जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त)
राघवेन्द्र गौतम द्वारा बुलाई गई आज पत्रकारवार्ता में उस समय श्री गौतम
निरुत्तर हो गए जब वे सिंध मामले पर पत्रकारों के सवालों के जबाव नहीं दे
पाए। श्री गौतम ने यह पत्रकारवार्ता प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान
द्वारा चलाई जा रही नर्मदा यात्रा के संबंध में बुलाई थी।
श्री गौतम
द्वारा एक रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकारवार्ता बुलाई तो नर्मदा यात्रा के
संबंध में थी और इसी के अनुरूप श्री गौतम ने नर्मदा यात्रा के संबंध में
अपना व्याख्यान मीडियाकर्मियों के सामने रखना शुरू किया। कुछ देर में ही
पत्रकारों ने सिंध मामले को लेकर उन पर सवालों की झड़ी लगा दी। पत्रकारों
का कहना था कि हम शिवपुरीवासी पिछले लंबे समय से प्रदेश सरकार के छलावे का
शिकार हो रहे हैं और हमें सिंध के पानी के नाम पर आश्वासन रूपी पुडिय़ा ही
नसीब हो पा रही हैं। ऐसे में हम नर्मदा यात्रा के संबंध में कोई बात नहीं
सुनना चाहते। पत्रकारों का साफ कहना था कि पहले वह ये बताएं कि
शिवपुरीवासियों को सिंध का पानी कब नसीब होगा? चारों ओर से पूछे गए इस सवाल
के जबाव में वे खासे असहज हो गए और यह कहकर बचते नजर आए कि इस मामले में
प्रभारी मंत्री या दूसरी मंत्री ही कुछ कह पाएंगे। हम तो मनोनीत है हम क्या
बताएं। उनका यह भी कहना था कि वे खुद इस मामले पर शिवपुरी के होने के नाते
शिवपुरी वासियों के साथ हैं और हम इस मामले में क्या कर सकते हैं।
उन्होंने कई बार यह कहना का भी प्रयास किया कि मैं तो नर्मदा यात्रा पर
चर्चा करना चाहता हूं, लेकिन पत्रकार उनकी कोई बात सुनने तैयार नहीं थे।
उनका कहना था कि शिवपुरीवासियों के लिए नर्मदा यात्रा से ज्यादा यह जानना
जरूरी है कि शिवपुरीवासियों को सिंध का पानी कब नसीब होगा। यह सवाल के
जबाव में उन्होंने दबे हुए स्वर में यह भी स्वीकार किया कि शिवपुरी को सिंध
का पानी गुटीय राजनीति के तहत नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि
जो गुटबाजी हमारे यहां है वह सभी जगह होती है, लेकिन कुछ देर में ही वे
अपने बयान का बचाव करते नजर आए।






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