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अभी तक अनसुलझी बनी हुई है दुर्गा प्रसाद की मौत की मिस्ट्री

सुसाइड नोट में तीन साल पूर्व मर चुके युवक के नाम से उठ रहे कई सवाल
मामला सेवानिवृत्त डिप्टी रेंजर के मकान में दुर्गाप्रसाद के फांसी पर लटके होने का

शिवपुरी। शहर के फिजीकल चौकी अंतर्गत आने वाले छत्री रोड इलाके के आसपुर हाउस के ठीक सामने सेवानिवृत्त डिप्टी रेंजर ओपी शर्मा के मकान में रविवार सुबह नमक कारोबारी दुर्गाप्रसाद के फांसी पर लटककर मौत मामले की मिस्ट्री घटना के 24 घंटे बाद भी अनसुलझी है। साधारण सी फांसी लगाकर आत्महत्या दिखने वाले इस घटनाक्रम को दुर्गाप्रसाद द्वारा लिखे हुए सुसाइड नोट ने तफ्तीश के योग्य बना दिया है। दुर्गाप्रसाद द्वारा पुलिस अधीक्षक को लिखे चार पेज के सुसाइड नोट में उसने स्वयं को फांसी पर लटकाने के लिए उस युवक को जिम्मेदार बताया है जिसकी मौत तीन वर्ष पूर्व इसी मकान में संदिग्ध परिस्थिति में हो गई थी। गोलू पुरोहित नाम का यह युवक मकान मालिक ओपी शर्मा का पुत्र था। दुर्गा  प्रसाद द्वारा सुसाइड नोट के अंत में लिखा गया है कि काले कपड़े में आए गोलू पुरोहित ने उसे फांसी पर लटकाया है। आस पड़ोस में रहने वाले लोगों की मानें तो मकान मालिक ओपी शर्मा भी गोलू की मौत के बाद से कुछ अनबने से रहने लगे थे और उनका अब इस मकान में रहने का मन नहीं था, वह इस मकान को बेचना भी चाहते थे, लेकिन इन्हीं सब कारणों की वजह से मकान बिकने में भी अड़चनें आ रही थीं। ओपी शर्मा के दो पुत्र और एक पुत्री थीं जिनमें से गोलू पुरोहित सहित दूसरे पुत्र की भी मौत हो चुकी है जबकि पुत्री दिल्ली में निवास करती है। ओपी शर्मा अपने पुत्रों की मौत के बाद से अधिकांश समय अपनी पुत्री के पास दिल्ली में ही बिताते हैं और अक्सर अपने भाई के साले दुर्गाप्रसाद को मकान की देखरेख एवं पेड़ पौधों में पानी देने के लिए छोड़ जाया करते थे। हाल में 14 अप्रैल को वह दिल्ली गए थे और दुर्गाप्रसाद को यह कहकर छोड़ गए थे कि तुम तीन-चार दिन में आकर पेड़ पौधों में पानी दे जाना, लेकिन इसी बीच ऐसा क्या हुआ कि दुर्गाप्रसाद इसी मकान में फांसी पर झूलता मिला। दुर्गाप्रसाद के फांसी पर लटके होने के साथ-साथ वहां कई ऐसे अन्य प्रमाण भी मिले जो इस मौत की मिस्ट्री पर कई सवालिया निशान खड़े कर रहा है।

घर में किन लोगों ने की शराब पार्टी ?
दुर्गाप्रसाद की जिस मकान में दूसरी मंजिल पर फांसी पर लाश लटकी थी उसी मंजिल के खुले आंगन में शराब पार्टी के सबूत भी मिले हैं। इस शराब पार्टी की जमावट के अनुसार इस शराब पार्टी में तीन लोग शामिल हुए, जिन्होंने जिन और गोवा शराब का सेवन किया। नमकीन भी प्लेटों में सजा मिला और साथ ही में मिलीं सल्फास की दो शीशी, लेकिन इनका सेवन नहीं हुआ, लेकिन मोहल्लेवासियों के अनुसार दुर्गाप्रसाद शराब को हाथ तक नहीं लगाता था। फिर यहां शराब पार्टी किन लोगों ने की? सवाल यह उठता है कि मौत के कुछ देर पहले वो कौन थे जिन्होंने यहां आकर शराब पार्टी की और उन्हीं के बीच सल्फास की शीशी क्यों रखीं थीं ?

 सुसाइड नोट में पत्नी के नाम के मकान का भी जिक्र
दुर्गाप्रसाद की जेब से मिले सुसाइड नोट में उसने जहां एक ओर बैंक ऑफ महाराष्ट्र से लोन लेने के लिए आ रही परेशानियों का जिक्र किया, वहीं अपने ऊपर कर्जे को चुकाने के लिए अपने उस मकान का भी जिक्र किया जो पत्नी के नाम था। दुर्गाप्रसाद के सुसाइड नोट से ऐसा प्रतीत होता है कि इस मकान को लेकर भी पति-पत्नी के बीच कोई चर्चा हो हुई है। दुर्गाप्रसाद और उसकी पत्नी के बीच उम्र का भी काफी अंतर है इस बात को लेकर भी उनके मोहल्ले में कई सवाल उठ रहे हैं।

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