Cmhelpline से बंद हुई परिवहन विभाग की लूट
शिवपुरी ।। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने 29दिसम्बर 2016 को देश भर के rto में होने बाले कार्यो की शासकीय शुल्क में वृद्धि की थी ड्राइविंग लाइसेंस ओर अन्य कार्य की फीसों में 5 गुना तक वृद्धि की थी जिसे मध्यप्रदेश परिवहन विभाग ने तुरंत वसूलना प्रारम्भ कर दिया था परंतु केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने फीस वृद्धि करने के साथ एक कार्य में जनता को राहत दी थी वह कार्य था वाहन के पंजीयन प्रमाण पत्र से फाइनेंस पूर्ण होने के पश्चात फाइनेन्सर का नाम निरस्त कराना।जिसके लिए मध्यप्रदेश में 374 रुपये की फीस वसूली जाती थी जिसमे 300 रुपये सरकारी फीस ओर 74 रुपये स्मार्ट चिप की ऑनलाइन आवेदन ओर फीस भुगतान का सेवा प्रभार है उक्त फीस को मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार के आदेश के बाबजूद भी वसूलना अनवरत जारी रखा और प्रदेश की जनता से 7 माह के अंदर करोड़ो रूपये अवैध तरीके से वसूल कर लिए ।
इस अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाई शिवपुरी निबासी संजय गुप्ता ने । शिवपुरी में मयूर मेडिकल के संचालक संजय गुप्ता अपनी कार का फाइनेंस निरस्त कराने rto कार्यालय पहुंचे तो उनसे भी फाइनेंस निरस्त की फीस जमा कर लाने को कहा गया । परंतु संजय गुप्ता को इस बात की जानकारी थी तो उन्होंने फीस जमा करने से मना कर दिया । rto कार्यालय में भी कंप्यूटर द्वारा बिना फीस के फाइनेंस निरस्त नही होगा ये कह कर पल्ला झाड़ लिया । तब उन्होंने अपनी शिकायत cmhelpline में शिकायत नंबर 2785730 के माध्यम से दर्ज कराई । तब जाकर परिवहन विभाग को सुध आयी कि जनता अब मूर्ख नही है जागरूक हो चुकी है भले बात मात्र 374 रुपये की क्यों न हो। उक्त शिकायत पर कार्यवाही करते हुए परिवहन विभाग ने अपनी वेबसाइट से फाइनेंस की फीस हटा ली। अब फाइनेंस निरस्ती के लिए कोई शासकीय शुल्क नही वसूला जा रहा है
परंतु अभी भी फाइनेंस निरस्ती कराने पर ऑनलाइन आवेदन के नाम स्मार्टचिप को फायदा पहुचाने के लिए 45 रुपये की वसूली गलत तरीके से की जा रही है। जबकि फाइनेंस निरस्त करने हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र कंपनी द्वारा भेजा जाता है जिसके साथ आवेदन फार्म 35 नंबर भी प्रिंटेड भेजा जाता है तब ऑनलाइन आवेदन भरने का क्या औचित्य है इस मामले पर शिकायत कर्ता का कहना है कि जब तक परिवहन विभाग ये 45 रुपये के अवैध वसूली बंद नही करता तब तक वह अपनी वाहन का फाइनेंस निरस्त नही कराएंगे ।
इस अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाई शिवपुरी निबासी संजय गुप्ता ने । शिवपुरी में मयूर मेडिकल के संचालक संजय गुप्ता अपनी कार का फाइनेंस निरस्त कराने rto कार्यालय पहुंचे तो उनसे भी फाइनेंस निरस्त की फीस जमा कर लाने को कहा गया । परंतु संजय गुप्ता को इस बात की जानकारी थी तो उन्होंने फीस जमा करने से मना कर दिया । rto कार्यालय में भी कंप्यूटर द्वारा बिना फीस के फाइनेंस निरस्त नही होगा ये कह कर पल्ला झाड़ लिया । तब उन्होंने अपनी शिकायत cmhelpline में शिकायत नंबर 2785730 के माध्यम से दर्ज कराई । तब जाकर परिवहन विभाग को सुध आयी कि जनता अब मूर्ख नही है जागरूक हो चुकी है भले बात मात्र 374 रुपये की क्यों न हो। उक्त शिकायत पर कार्यवाही करते हुए परिवहन विभाग ने अपनी वेबसाइट से फाइनेंस की फीस हटा ली। अब फाइनेंस निरस्ती के लिए कोई शासकीय शुल्क नही वसूला जा रहा है
परंतु अभी भी फाइनेंस निरस्ती कराने पर ऑनलाइन आवेदन के नाम स्मार्टचिप को फायदा पहुचाने के लिए 45 रुपये की वसूली गलत तरीके से की जा रही है। जबकि फाइनेंस निरस्त करने हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र कंपनी द्वारा भेजा जाता है जिसके साथ आवेदन फार्म 35 नंबर भी प्रिंटेड भेजा जाता है तब ऑनलाइन आवेदन भरने का क्या औचित्य है इस मामले पर शिकायत कर्ता का कहना है कि जब तक परिवहन विभाग ये 45 रुपये के अवैध वसूली बंद नही करता तब तक वह अपनी वाहन का फाइनेंस निरस्त नही कराएंगे ।






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