मामला आरईएस में पदस्थ बाबू का…..
शिवपुरी।
प्रदेश सरकार के आला अधिकारी और मंत्री भले ही यह घोषणा करते रहे कि किसी
भी विभाग में अन्य विभाग का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी अटैचमेंट या
स्थानांतरण के बाद संंबंधित कार्यालय में मौजूद नहीं रहेगा। इस तरह के आदेश
भोपाल स्तर से मप्र के सभी कार्यालय प्रमुखों को दिए गए हैं, लेकिन
शिवपुरी की ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में एक ऐसा मामला देखने में आया है
जिसमें आरईएस विभाग में सहायक मानचित्रकार के पद पर पदस्थ पातीराम शाक्य
स्थानांतरण आदेश के बाद भी कार्यालय में जमा हुआ है और वहां नौकरी कर रहा
है जबकि लगभग नौ माह पहले उसके स्थानांतरण के आदेश विभाग को प्राप्त हो गए
हैं और उसे शिवपुरी कार्यालय से हटाकर जल संसाधन विभाग सागर में पदस्थ किया
गया है, लेकिन उक्त आदेश का आज तक पालन कार्यपालन यंत्री ग्रामीण
यांत्रिकीय सेवा के शेख हसुरूद्दीन खान के द्वारा नहीं किया गया है।
क्योंकि उक्त बाबू इनका काफी समय से चहेता बना हुआ है और वह कार्यालय में
फाइलों को तितर-बितर करने के साथ ठेकेदारों को भी मैनेज करने का कार्य करता
है जिसके चलते उसे आरईएस से स्थानांतरण के बाद भी रिलीव नहीं किया गया।
जबकि बाबू आरईएस में पिछले कई वर्षों से विवादित होने के साथ कार्यालय में
जमा हुआ है।
प्रदेश सरकार के आला अधिकारी और मंत्री भले ही यह घोषणा करते रहे कि किसी
भी विभाग में अन्य विभाग का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी अटैचमेंट या
स्थानांतरण के बाद संंबंधित कार्यालय में मौजूद नहीं रहेगा। इस तरह के आदेश
भोपाल स्तर से मप्र के सभी कार्यालय प्रमुखों को दिए गए हैं, लेकिन
शिवपुरी की ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में एक ऐसा मामला देखने में आया है
जिसमें आरईएस विभाग में सहायक मानचित्रकार के पद पर पदस्थ पातीराम शाक्य
स्थानांतरण आदेश के बाद भी कार्यालय में जमा हुआ है और वहां नौकरी कर रहा
है जबकि लगभग नौ माह पहले उसके स्थानांतरण के आदेश विभाग को प्राप्त हो गए
हैं और उसे शिवपुरी कार्यालय से हटाकर जल संसाधन विभाग सागर में पदस्थ किया
गया है, लेकिन उक्त आदेश का आज तक पालन कार्यपालन यंत्री ग्रामीण
यांत्रिकीय सेवा के शेख हसुरूद्दीन खान के द्वारा नहीं किया गया है।
क्योंकि उक्त बाबू इनका काफी समय से चहेता बना हुआ है और वह कार्यालय में
फाइलों को तितर-बितर करने के साथ ठेकेदारों को भी मैनेज करने का कार्य करता
है जिसके चलते उसे आरईएस से स्थानांतरण के बाद भी रिलीव नहीं किया गया।
जबकि बाबू आरईएस में पिछले कई वर्षों से विवादित होने के साथ कार्यालय में
जमा हुआ है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 1994 में
पातीराम शाक्य नरवर में जल संसाधन विभाग में सहायक मानचित्राकार के रूप में
पदस्थ था जिसे सांठ-गांठ कर प्रतिनियुक्ति परग्रामीण यांत्रिकीय सेवा
संभाग शिवपुरी में पदस्थ किया गया था और वह उक्त कार्यालय में रहकर लेखा
शाखा में अपनी सेवाएं दे रहा था जिसकी गुपचुप तरीके से शिकायतें भोपाल
स्तर पर पहुंची थीं इन शिकायतों के चलते सिंतबर 2016 को प्रमुख अभियंता
एमजी चौबे के आदेश क्रमांक 3311200/2/16-2231 से पातीराम शाक्य को मूल
विभाग जल संसाधन विभाग में वापस लेते हुए कार्यालय मुख्य अभियंता धसान केन
कछार जल संसाधन विभाग सागर केलिए स्थानांतरित कर दिया था। उक्त आदेश को
लगभग नौ माह बीत जाने के बाद भी आरईएस विभाग के अधिकारियों ने पातीराम
शाक्य को रिलीव नहीं किया और वह निरंतर अपनी सेवाएं कार्यालय में दे रहा
है।
पातीराम शाक्य नरवर में जल संसाधन विभाग में सहायक मानचित्राकार के रूप में
पदस्थ था जिसे सांठ-गांठ कर प्रतिनियुक्ति परग्रामीण यांत्रिकीय सेवा
संभाग शिवपुरी में पदस्थ किया गया था और वह उक्त कार्यालय में रहकर लेखा
शाखा में अपनी सेवाएं दे रहा था जिसकी गुपचुप तरीके से शिकायतें भोपाल
स्तर पर पहुंची थीं इन शिकायतों के चलते सिंतबर 2016 को प्रमुख अभियंता
एमजी चौबे के आदेश क्रमांक 3311200/2/16-2231 से पातीराम शाक्य को मूल
विभाग जल संसाधन विभाग में वापस लेते हुए कार्यालय मुख्य अभियंता धसान केन
कछार जल संसाधन विभाग सागर केलिए स्थानांतरित कर दिया था। उक्त आदेश को
लगभग नौ माह बीत जाने के बाद भी आरईएस विभाग के अधिकारियों ने पातीराम
शाक्य को रिलीव नहीं किया और वह निरंतर अपनी सेवाएं कार्यालय में दे रहा
है।






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