कराईकाल (तमिलनाडु)। भारत में आत्महत्या के लिए उकसाने
वाले ब्लू व्हेल गेम का खौफ बढ़ता जा रहा है। तमिलनाडु से खबर है कि यहां
के कराईकाल में 22 साल के एक युवक ने चैलेंज पूरा करने से इन्कार कर दिया
तो उसे रूस से धमकी भरा फोन आया।
यह कहानी है 22 वर्षीय एलेक्जेंडर
की। एलेक्जेंडर ब्लू व्हेल गेम खेल रहा था और पांच चरण पूरे कर चुका था।
तभी उसके भाई ने हाथ पर बना ब्लू व्हेल का निशान देख लिया और पुलिस को
सूचना दी। पुलिस ने छात्र को बचा लिया।
अब एलेक्जेंडर का कहना है कि
ब्लू व्हेल चैलेंज कोई ऐप या गेम नहीं है, जिसे कहीं से डाउनलोड कर लिया
जाए। चुनिंदा लोगों को इसकी लिंक दी जाती है, जहां से गेम डाउनलोड होता है।
बकौल
एलेक्जेंडर, मैं चेन्नई की एक कंपनी में काम करता था। वहां कर्मचारियों के
व्हाट्सएप ग्रुप पर मुझे यह लिंक मिली। उत्सुकता में आकर मैंने गेम
डाउनलोड कर लिया। इससे मेरी सारी डिटेल्स ब्लू व्हेल एडमिन के पास चली गईं
और मुझे रात दो बजे जबरन गेम खेलने को मजबूर किया गया।
एडमिन के दिए
टास्ट रात दो बजे उठकर ही पूरे करने थे। शुरू में मैंने कुछ निजी जानकारी
और फोटो पोस्ट किए, जो सीधे ब्लू व्हेल एडमिन के पास जा रहे थे।
इसके
बाद एक दिन कहा गया कि वह आधी रात को कब्रिस्तान जाए, सेल्फी ले और ऑनलाइन
पोस्ट करे। एलेक्जेंडर ने ऐसा किया। फिर उसे हॉरर मुविज देखने को कहा गया।
एलेक्जेंडर ने यह टास्क भी किया।
उसका कहना है कि मैं उत्सुकतावश
गेम खेल रहा था। इस बीच, रूस से किसी का फोन भी आया। वो जो कहते गए, मैं
करता गया, क्योंकि मैं खुद को परखना चाहता था। इस बारे में मैंने किसी को
नहीं बताया। मैं अपने कमरे में कैद रहता था।
एक वक्त ऐसा भी आया जब
एलेक्जेंडर ने गेम से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सका।
इस पर उसे रूस से कई फोन आए और तरह-तरह की धमकी दी गई। अब एलेक्जेंडर ने
बच्चों और युवाओं से अपील की है कि वे इस गेम से दूर रहें।
ब्लू व्हेल चैलेंज से किया इन्कार आया धमकी भरा फोन
टैग: तमिलनाडु)



