इंदौर। प्रदेश के सांसद अब जरूरतमंदों की आर्थिक मददकर सकेंगे। प्रदेश सरकार ने सांसद स्वेच्छानुदान के तहत 25-25 लाख रुपए
बांटने के लिए राशि जारी कर दी है, लेकिन यह शर्त भी रखी है कि एक केस
(व्यक्ति से संबंधित) में सिर्फ पांच हजार और संस्था को 10 हजार रुपए ही
दिए जा सकेंगे।
इस योजना के लिए राशि केंद्र से नहीं आएगी, बल्कि
प्रदेश सरकार ही वहन करेगी। सांसद राशि जारी करने की अनुशंसा पत्र के
माध्यम से जिले के कलेक्टरों को भेंजेगे। हालांकि संसदीय क्षेत्र बड़े होने
के कारण सांसदों को 25 लाख रुपए की राशि कम लग रही है।
लोकसभा सांसद
सालभर में 25 लाख की राशि अपने संसदीय क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तिों को
या क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संस्थानों को दे सकेंगे, जबकि राज्यसभा
सांसद प्रदेश के किसी भी जिले में यह राशि खर्च करने के लिए स्वंतत्र हैं।
सांसद स्वास्थ्य, शिक्षा, सार्वजनिक आयोजनों आदि के लिए ही खर्च कर सकेंगे।
जिले की सरकारी वेबसाइट पर रहेगी मदद पाने वालों की लिस्ट
-जिन संस्था व व्यक्तिों के नाम राशि जारी हुई है, उनकी लिस्ट जिले के सरकारी पोर्टल पर जारी करना होगी।
-जरूरतमंद व्यक्ति को एक केस में 5 हजार और संस्था को 10 हजार रुपए की सहायता सांसद दे सकेंगे।
-जरूरतमंदों को आधार कार्ड, वोटर कार्ड सहित अन्य साक्ष्य प्रस्तुत करना होंगे।
-जिसके लिए अनुशंसा की गई है, राशि सीधे उस व्यक्ति या संस्था के खाते में जमा होगी।
आदेश मिला है
सांसद
स्वेच्छानुदान निधि में सकार ने 25 लाख रुपए का प्रावधान किया है। इसे
सांसद खर्च सकेंगे। राशि का उपयोग करने का आदेश विभाग को प्राप्त हो चुका
है।
– जेपी परिहार, संयुक्त संचालक योजना, आर्थिक व सांख्यिकी विभाग





Be First to Comment