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ग्वालियर मेला: घोषणा हुई थी, इसलिए मेला ताे शुरू हाे गया, तैयार नहीं दुकानें तो सैलानियों ने फुटपाथ से की खरीदारी / Gwalior News

ग्वालियर। सन् 1905 से चली आ रही ग्वालियर व्यापार मेले की परंपरा कोरोना का संकट झेलने के बाद भी नहीं टूटी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणानुसार ग्वालियर का ऐतिहासिक मेला 116वीं बार शुरू हो चुका है। मेले में इस साल कोरोना के कारण देरी हुई है। अभी तैयारी भी अधूरी है, लेकिन सैलिनियों में उत्साह की बिल्कुल कमी नहीं है। 15 फरवरी को मेले में सैलानियों की संख्या संतोषजनक रही। मेले में अभी सभी दुकानें तैयार नहीं हो सकी हैं, ऐसे में मेला पहुंचे सैलानियों ने झूला सेक्टर में झूला झूलकर व खानपान सेक्टर में पकवानों का लुत्फ उठाया। साथ ही उन्होंने पथकर विक्रेताओं से जमकर खरीदारी की। सात फरवरी को मेला शुरू करने की घोषणा हुई थी, लेकिन अभी तक मेले का इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर तैयार नहीं हो पाया है। उम्मीद है फरवरी अंत तक मेला अपना भव्य रूप ले लेगा। हालांकि मेला प्राधिकरण द्वारा उतनी तेजी नहीं दिखाई जा रही है, जितनी दरकार है। अभी मेले की दुकानों के आवेदन ही लिए जा रहे हैं, आवंटन प्रक्रिया तेज नहीं की गई है। मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया का कहना है कि मेले की पार्किंग व लाइट भी शुरू नहीं हुई है। मेले में कुल 12 गेट हैं, उन सभी को खोल देना चाहिए, लेकिन अभी पांच गेट ही खोले गए हैं।

झूला सेक्टर में भीडः मेला भले ही देरी से शुरू हुआ हाे, लेकिन सैलानियाेें में खासा उत्साह है। मंगलवार काे सुबह से मेले में सैलानियाें के पहुंचने का सिलसिला शुरू हाे गया। विशेष रूप से झूला सेक्टर में सबसे ज्यादा भीड़ रही है।

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