इंदौर, ।मध्यप्रदेश में लर्निंग लाइसेंस बनवाने वाली 31 फीसदी महिलाएं पक्के लाइसेंस नहीं बनवा पा रही हैं। इनमें से अधिकांश या तो ट्रायल में फेल हो जाती हैं या फिर लाइसेंस बनवाने ही नहीं पहुंचती हैं।प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद परिवहन विभाग ने 2016 से महिलाओं के लाइसेंस को मुफ्त कर दिया है। अब महिलाओं को केवल आवेदन करना होता है। उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। परिवहन आयुक्त डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जब से हमने महिलाओं के लाइसेंस मुफ्त किए हैं, तब से दिसंबर 2017 तक करीब 1 लाख 95 हजार लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिए गए थे। इनमें 1 लाख 35 हजार महिलाओं के ही पक्के लाइसेंस जारी किए गए हैं।उधर स्मार्ट चिप कंपनी के मुताबिक महिलाएं लाइसेंस बनवाने आती हैं। लर्निंग लाइसेंस बनवा भी लेती हैं। लेकिन मन में डर के कारण वाहन चलाने में फेल हो जाती हैं। कुछ महिलाएं लाइसेंस की समय सीमा बीतने के बाद दोबारा लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर देती हैं। अधिकारियों ने बताया कि अकेले इंदौर में केवल 2017 में महिलाओं के 6 हजार 833 लाइसेंस बने हैं।
अब तक इतने लाइसेंस बने
लर्निंग लाइसेंस 194383
पक्के लाइसेंस 135436




Be First to Comment