जबलपुर। गुटखा पाउच के खिलाफ तीन दिनों से चल रही नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को भाजपा नेता सड़क पर उतर आए। भाजपा नेताओं ने कार्रवाई के दौरान व्यापारियों से अभद्रता का आरोप लगाते हुए ओमती थाने से लेकर महापौर स्वाति गोडबोले के निवास तक प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस और महापौर के आश्वासन पर भाजपा नेता शांत हुए। सत्ता पक्ष के नेताओं द्वारा दिन में किए गए प्रदर्शन का असर शाम होते-होते कार्रवाई के प्रभारी उप स्वास्थ्य अधिकारी केके दुबे के ट्रांसफर के रूप में सामने आया। उप स्वास्थ्य अधिकारी का तबादला मुख्यालय से सुहागी संभागीय कार्यालय में कर दिया गया है।
कमिश्नर के इशारे पर गुंडागर्दी का आरोप
नगर निगम का काम शहर को व्यवस्थित बनाना है, लेकिन इसकी आड़ में कमिश्नर वेदप्रकाश के इशारे पर उप स्वास्थ्य अधिकारी केके दुबे और उनकी टीम गरीबों के साथ गुंडों की तरह लूटपाट कर रही है। कार्रवाई के नाम पर दुकानें लूटीं जा रहीं हैं, दिव्यांगों दुकानदार तक को पीटा जा रहा है। ये आरोप लगाते हुए नगर भाजपा अध्यक्ष जीएस ठाकुर, युवा मोर्चा अध्यक्ष रंजीत पटेल, एमआईसी सदस्य श्रीराम शुक्ला, केके आनंद, कमलेश अग्रवाल के साथ भाजपा के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने ओमती थाने में प्रदर्शन किया। भाजपा नेता बिना किसी नोटिस या पूर्व सूचना के पान की दुकानों से गुटखा पाउच जब्त करने की कार्रवाई से नाराज थे। ओमती थाने पहुंचे भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केके दुबे और उनकी टीम ने नौदरा ब्रिज के पास पान की दुकान लगाने वाले एक दिव्यांग को बुरी तरह पीटने के बाद उसका सामान जब्त कर लिया। इसी तरह कई और छोटे व्यापारियों के साथ गुंडागर्दी करते हुए कार्रवाईयां की गईं हैं।
एफआईआर दर्ज कराने पर अड़े नेता
ओमती थाने में भाजपा नेताओं ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने पुलिस से कमिश्नर वेदप्रकाश और उप स्वास्थ्य अधिकारी केके दुबे के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। जिसको लेकर पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं में कई बार तीखी-नोकझोंक भी हुई। काफी देर गहमागहमी के बाद पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया तो भाजपा नेता शांत हुए।
महापौर से शिकायत, कार्रवाई की मांग
ओमती थाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता महापौर स्वाति गोडबोले के सरकारी निवास पर पहुंचे। जहां निगम के अधिकारियों की कार्रवाई के तरीके को लेकर शिकायत की गई। महापौर ने इस मामले में ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया था। जिसके बाद से ही तरह-तरह के कयास लगने लगे थे। लोगों ने उप स्वास्थ्य अधिकारी केके दुबे के ट्रांसफर का अंदेशा भी जताया था। जो शाम को सच साबित हुआ




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