

जानें कहां-कहां धंसकी सड़क, क्या है स्थिति?
बदरवास के नजदीक श्रीपुर गांव के पास एक छोटी पुलिया व बड़ा पुल धंसका है। जिससे उसमें दरार आ गईं हैं। एक तरफ की रोड बंद कर दी है। दूसरी रोड से वाहन गुजर रहे हैं। बदरवास के पास घुरवार रोड पर ब्रिज के नीचे सर्विस रोड धसक चुकी है। जिससे वाहन चालक डिवाइडर से भी ज्यादा हिचकोले खाते हैं। ब्रिज के ऊपर लाईट चालू नहीं होने से दुर्घटना की संभावना है। कोलारस फोरलेन बायपास पर गुंजारी नदी पुल धंसक गया है। इसके अलावा दो-तीन स्थानों पर भी रोड धसकी है। यहां भी एक तरफ की रोड बंद कर दी है। मेंटीनेंस का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। शिवपुरी से निकलते ही सेसई गांव के पास रोड धसक गई है और पुलिया में दरार आ गई है। यहां से वाहन स्पीड में गुजरते ही अनियंत्रित हो जाते हैं।
पीठ थपथपाने कंपनी ने वेबसाइट पर अपलोड किया प्रशस्ति पत्र
इरकॉन कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर प्रशस्ति पत्र के साथ शिवपुरी-गुना फोरलेन सड़क प्रोजेक्ट के बारे में लिखा है। कंपनी ने अपनी दक्षता साबित की है। जिसमें नेशनल हाइवे-46 के शिवपुरी गुना सेक्शन पर फोरलेन सड़क बनाने का प्रोजेक्ट निर्धारित समय से पहले पूरा करने का जिक्र है। पहले फेज की लंबाई 85 किमी है जिसका निर्माण 759 करोड़ की लागत से डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (डीबीएफओटी) आधार पर किया है। इरकॉन की अधीनस्थ कंपनी शिवपुरी-गुना टोल-वे लिमिटेड ने 25 जनवरी 2016 को फोरलेन प्रोजेक्ट का काम शुरू किया था जिसे 30 महीने यानी 24 जुलाई 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन कंपनी ने 7 जून 2018 यानी डेढ़ माह पहले ही प्रोजेक्ट कंप्लीट कर लिया। कंपनी के इस दावे पर एनएचएआई की तरफ से केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने 23 जुलाई को इरकॉन कंपनी को प्रशस्ति प्रमाण पत्र दिया है।
हादसों में कई लोग गंवा चुके हैं अपनी जान
शिवपुरी के नजदीक सेसई गांव के पास पुलिया धसकी है। आनंदपुर ट्रस्ट से गुरुपूर्णिमा पर्व मनाकर लौट रहे संत व शिष्यों की कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में संत व उनके शिष्य गंभीर रूप से घायल हो गए। कोलारस बायपास पर एक तरफ का रास्ता बंद कर देने से कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। चालक बाल-बाल बचा। इसी तरह बदरवास के पास बस सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई जिससे चार-पांच यात्री घायल हो गए। इसके अलावा भी छिटपुट हादसे हो चुके हैं।
बदरवास बायपास ब्रिज पर लाइट लगी है लेकिन इन्हीं चालू नहीं किया गया है। इसके अलावा नगर में प्रवेश वाले स्थानों पर भी लाईट अथवा रेडियमयुक्त संकेतक नहीं थे। पहले से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक में कार टकरा गई। जिससे सीहोर के आष्टा निवासी चार शिक्षकों की अकाल मौत हो गई जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बदरवास फोरलेन बायपास पर आज भी अंधेरे में डूबा रहता है।
इनका कहना है
गुना-शिवपुरी फोरलेन सड़क किस वजह से उखड़ी है, यह जांच का विषय है। सड़क जिन स्थानों पर धसकी है, उन स्थानों पर रिपेयरिंग का काम जल्द पूरा करवाएंगे। गुना प्रोजेक्ट डायरेक्ट से बात करता हूं।






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