
जिला अस्पताल में मरीज नहीं ले रहे रुचि, सीधे जा रहे ग्वालियर
शिवपुरी। बरसात के मौसम में नगरपालिका द्वारा मलेरिया की रोकथाम हेतु समय पर कीटनाशक का छिड़काव न होने के कारण जगह-जगह गड्ढों में भरे पानी में पनप रहे मच्छर रहे हैं। शहर में डेंगू का आतंक बना हुआ है। अभी तक 17 मरीजों की पॉजीटिव रिपोर्ट सामने आई है। खासबात यह है कि मरीज शिवपुरी अस्पताल में इलाज कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, बल्कि प्राइवेट इलाज कराने के बाद सीधे ग्वालियर जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार सुरेन्द्र धाकड़ (20) पुत्र विजय पाल सिंह निवासी भरका हाल महाराणा प्रताप कॉलोनी शिवपुरी मंगलवार को ही ग्वालियर से इलाज कराकर लौटा है। सुरेन्द्र का कहना है कि शिवपुरी में जिस मकान में रहता है वहां 3- 4 लोगों को डेंगू हुआ है। संदेश (12) पुत्र संतोष लोधी मंगलवार को सिरसौद गांव लौट हैं। संदेश एमएम अस्पताल के पीछे शिवपुरी में रहकर पढ़ता है। संदेश को फिर से बुखार आ गया। इसी तरह रेखा (35) पत्नी धमेन्द्र, बलविंदर कौर पत्नी अमरीक सिंह निवासी न्यू दर्पण कॉलोनी बायपास शिवपुरी की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। पूर्व पार्षद हरीसिहं कुशवाह ने बताया कि उनके नाती गौरव (12) पुत्र आनंद कुशवाह को 11 अगस्त को बुखार आने पर डॉक्टर को दिखाया। 12 अगस्त को डॉ राजकुमार ऋषीश्वर ने रेफर कर दिया और 13 अगस्त की सुबह ग्वालियर भर्ती कराया। जांच में डेंगू पॉजिटिव। हालत में सुधार होने पर 21 अगस्त को डिस्चार्ज कर घर ले आए, साथ ही किराएदार राजेश की बेटी सुहानी (12) को पहले डेंगू हुआ। उसके बाद बेटे यशराज कुशवाह (9) को भी डेंगू पॉजीटिव निकला है। दूसरे किराएदार के बेट आयुष (12) पुत्र ओमप्रकाश धाकड़ की जांच भी पॉजीटिव आई है।
इन डेंगू पीडि़तों ने भी कराया ग्वालियर में इलाज
मधुवन नगर में आकाश (11) पुत्र रंजीत ठाकुर, कार्तिक (10) पुत्र मनोज धाकड़, रमन शर्मा (18) पुत्री महेश शर्मा, कल्पना शर्मा (30) पत्नी विनोद शर्मा को डेंगू पॉजिटिव आने पर ग्वालियर भर्ती कराना पड़ा। हिमांशी शर्मा (8) पुत्र सरवनलाल शर्मा को डेंगू पाजीटिव होने पर ग्वालियर भर्ती कराया है। सोमवार तक हिंमाशी भर्ती रहा। इसी तरह प्रिंस शर्मा (11) पुत्र सरवनलाल शर्मा की भी डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर इलाज चल रहा है।
दो बहनों को डेंगू पॉजिटिव तीसरी की हो गई मौत
मनियर के पास रहने वाले गोविंद परिहार की बेटी शिवा परिहार (10) की जिला अस्पताल शिवुपरी में 10 अगस्त को मौत हो चुकी है। शिवा की बहनें आकांक्षा परिहार (8) और भक्ति परिहार (6) दोनों को डेंगू पॉजिटिव आया। ग्वालियर भर्ती कराकर इलाज कराया और दोनों ठीक होने पर घर आ गईं हैं। पिता गोविंद का कहना है कि शिवपुरी अस्पताल में नर्स के पास तीन बार गया। लेकिन वह मोबाइल पर गेम खेलने में व्यस्त रही और इधर बच्ची ने दम तोड़ दिया।
जांच के लिए एक लाख की किट खरीदीं, नहीं आ रहे मरीज
जिला अस्पताल शिवपुरी में डेंगू की जांच के लिए एक लाख रुपए की किट खरीदी गईं हैं। लेकिन मरीज जिला अस्पताल नहीं आ रहे। प्राइवेट इलाज कराने के बाद मरीज सीधे ग्वालियर रवाना हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मरीज जिला अस्पताल आएं और डेंगू संदिग्ध होने पर जांच करवा सकते हैं। वहीं मलेरिया विभाग का कहना है कि नगर पालिका की ओर से पर्याप्त अमला नहीं मिल रहा है।
नपा के जिम्मेदार भी डेंगू से पीडि़त
नगर पालिका के वे संब इंजीनियर भी आ गए हैं, जिन पर इनके रोकथाम के इंतजाम करने की जिम्मेदारी है। दोनों उपयंत्रियों को संदिग्ध होने की वजह से ग्वालियर भर्ती कराया गया है। दोनों की डेंगू की जांच कराई है। हालांकि अभी रिपोर्ट आना बाकी है। सब इंजीनियर रामवीर शर्मा की प्लेटलेट्स 20 हजार रह गईं हैं। इनके भाई अमित शर्मा ने बताया कि इलाज शुरू होने से फिलहाल प्लेटलेट्स बढऩे लगी हैं और हालत में सुधार है। इसी तरह सब इंजीनियर अजय करारे की प्लेटलेट्स कम होने से ग्वालियर में इलाज चल रहा है। इनके अलावा हाल ही में फर्जी बीपीएल मामले में कार्रवाई की जद में आए आरआई मोहन शर्मा भी के बेटे का भी ग्वालियर में इलाज चल रहा है। इनकी भी डेंगू की जांच कराई गई है। अब तक शहर में 17 डेंगू पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं।






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