
शिवपुरी। अध्यापकों का राज्य शिक्षा सेवा में संविलियन करने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, उसने परेशानी खड़ी कर दी है। अध्यापकों को अपनी ई-सर्विस बुक अपडेट करने के सिर्फ दो दिन का वक्त दिया गया है। अब रक्षाबंधन के त्यौहार में शामिल होने के बजाए अध्यापक कंप्यूटर सेंटर का चक्कर लगा रहे हैं।
यह काम रविवार यानि 25 अगस्त तक करना है, लेकिन शनिवार और रविवार को सर्वर डाउन हो गया और इसकी सूचना जब लोक शिक्षण आयुक्त को मिली तो इसकी तिथि को अब आगे बढाने का उपक्रम किया गया है। अकेले शिवपुरी जिले में ही 5 हजार शिक्षक एक साथ अपडेशन का काम करा रहे हैं। जबकि पूरे प्रदेश में यह संख्या 2.50 लाख के आसपास है। ऐसे में सर्वर इतनी धीमी गति से काम कर रहा है कि एक सर्विस बुक का अपडेशन एक घंटे से पहले नहीं हो पा रहा है। इस मुद्दे को लेकर अध्यापक संगठनों का कहना है कि रक्षाबंधन पर वह राखी बंधाने को लेकर तनाव रहे और अब भुजरिया वाले दिन भी समय परिवार और मित्रों को देने की जगह वह ई सर्विस सेंटरों पर बैठकर नेट आने का इंतजार करते रहे।
पांच हजार शिक्षक पर्व छोड़ संविलियन के काम में उलझे
आजाद अध्यापक संघ के शिक्षकों का कहना था कि जिस तरह से संविलियन की प्रक्रिया को क्रियान्वित किया जा रहा है वह जटिल बना दी गई है। पहले तो सर्विस बुक खुलना ही मुश्किल हो रहा है। किसी तरह खुलती है तो उसमें अन्य जानकारियों के अलावा सर्विस बुक का पहला व दूसरा पेज, 10वीं की मार्कशीट, स्व घोषणापत्र, विकल्प पत्र आदि अपलोड करना है। फिर इसका प्रिंट आउट लेकर तमाम दस्तावेजों की दो-दो प्रतियों में फाइल तैयार करना है। संगठन का कहना है कि अध्यापकों से यह पूछा जा रहा है कि वे राज्य शिक्षा सेवा में जाना चाहते हैं या नहीं। पर यह आज तक नहीं हुआ कि संविलियन के बाद उनकी सेवा शर्तें क्या होंगी। उन्हें अंधेरे में धकेलने की कोशिश की जा रही है।




