वेतन न मिलने से आधा सैंकड़ा कर्मचारियों का गणेश चतुर्थी का त्यौहार रहा फीका
शिवपुरी। नगर परिषद बैराड़ के सीएमओ मधुसूदन श्रीवास्तव इन दिनों सुर्खियों में हैं, इनका सुर्खियों में रहने का कारण है इनका मीटिंग में जाना। यह इन दिनों जिस अंदाज में मीटिंग जाने की बात कहते हैं उससे लगता है कि यह कलेक्टर से भी बड़े अधिकारी बन गए हैं, शायद इतनी मीटिंग को कलेक्टर ही नहीं लेती जितनी सीएमओ बैराड मधुसूदन श्रीवास्तव लेते हैं क्योंकि कलेक्टर भी मीटिंग लेने और जिलेभर के कार्यों को देखने के बाद अपने कार्यालय में बैठ ही जाती हैं, लेकिन सीएमओ बैराड़ को कार्यालय में बैठने की फुर्सत ही नहीं। सीएमओ की लापरवाही और मक्कारी का दंश बैराड़ नगर परिषद में कार्यरत करीब आधा सैंकड़ा कर्मचारी सहित सफाई स्टाफ को भुगतना पड़ रहा है। आलम यह है कि जो सैलरी 5 तारीख तक हर हाल में कर्मचारियों के खाते में आनी होती है, वह सैलरी आज 14 तारीख होने के बाद भी स्टाफ को नहीं मिली है। सभी कर्मचारियों का गणेश चतुर्थी का त्यौहार फीका रहा क्योंकि उन्हें वेतन नहीं मिली। इस तरह का यह पहला मामला नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की मानें तो पिछले माह में भी 16 तारीख को वेतन मिली थी।
मीटिंग के बहाने घर पर फरमाते हैं आराम सीएमओ
सूत्रों की मानें तो सीएमओ मधुसूदन श्रीवास्तव नियमित रुप से नगर परिषद कार्यालय नहीं आकर मीटिंग के बहाने अपने घर शिवपुरी में ही रहने हैं। इसके कारण जहां नगर परिषद के आवश्यक कार्य रुक रहे हैं वही शासन की प्रधानमंत्री आवास योजना शौचालय योजना मजदूरों-विधवा महिलाओं की पेंशन जन्म मृत्यु पंजीयन एवं परिषद के विकास कार्य रुकने के साथ परिषद क्षेत्र में भारी संख्या में बढ़ गए।
सीएमओ बने लोगों के लिए सिरदर्द
सीएमओ की लापरवाही और अनदेखी के कारण वार्ड में फैल रही गंदगी, पेयजल की समस्या, परिषद क्षेत्र के नागरिकों के नामांतरण भवन स्वीकृति भवन निर्माण स्वीकृति आदि काम रुक रहे हैं। जिससे परिषद क्षेत्र के वार्ड पार्षद अध्यक्ष एवं परिषद क्षेत्र में कार्य करने वाले ठेकेदार सप्लायर आदि सभी लोग परेशान हैं।
क्षेत्रवासियों की मानें तो सीएमओ सप्ताह में मात्र 1 दिन आते हैं। बाकी दिन अक्सर ऑफिस से गायब रहकर अपना फोन बंद रखते हैं जिस कारण नगर पंचायत की अध्यक्ष एवं पार्षद परेशान हैं पार्षदों ने सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शासन की योजनाओं को पलीता लगाने में नंबर 1
शासन द्वारा अनेक जनहितैषी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, लेकिन शासन के ही नुमाइंदों द्वारा इन योजनाओं को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। इसी तर्ज पर बैराड़ सीएमओ शासन की योजनाओं को पलीता लगाने में नंबर 1 हैं, क्योंकि न तो उन्हें शासन की योजनाओं से कोई मतलब है और न ही नगर परिषद के लोगों से। वह तो सिर्फ एकाध दिन सप्ताह में जाते हैं और अपना उल्लू सीधा कर लेते हैं।
इनका कहना है
सीएमओ के कारण कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रही है। सीएमओ सप्ताह में एकाध दिन ही बैठते हैं। परसों में ही कार्यालय में आए थे मैंने उनसे वेतन निकालने की बात कही, लेकिन उन्होंने अनदेखा कर दिया।
श्रीमती सुशीला-दौलतसिंह रावत,
अध्यक्ष नगर परिषद बैराड़
सीएमओ साहब का स्वास्थ्य खराब है और इससे पहले वह मीटिंग में गए थे इसलिए वेतन जारी नहीं हो सकी है, वेतन संबंधी मेरी ओर से सारी प्रक्रिया पूर्ण हैं।
प्रखर सिंहल, लेखापाल
नगर परिषद बैराड़





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