



शिवपुरी। शासन द्वारा वनों की सुरक्षा के लिए तमाम तरह की योजनाएं संचालित कर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन शासन के नुमाइंदे जिन पर वनों की रक्षा की जिम्मेदारी है वह ही अपने चंद आर्थिक लाभ के लालच में इन वनों की अंधाधुंध कटाई करवा रहे हैं। इसी तरह का मामला बदरवास वन परिक्षेत्र के गणेशखेड़ा के जंगल में देखने को मिल रहा है। इस जंगल दबंगों द्वारा वनों की कटाई की जा रही है, साथ ही कुछ बड़े पेड़ों को आग लगाकर नष्ट किया जा रहा है। खासबात यह है कि विभागीय अधिकारी क्षेत्र में लगातार नजर रखने की बात कह रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि लोगों द्वारा आज भी जंगलों का सफाया कर खेती की जमीन में तब्दील किया जा रहा है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
भाईलोगों द्वारा जंगल काटा जा रहा है। बसे हुए लोग और बंजारों द्वारा जंगल काटा जा रहा है जैसे बहरा गांंव भी बसा था। मैं तीन बार फोरेस्ट में श्किायत कर चुका हूं। अधिकारी जांच की बात कहते हैं अब पता नहीं जांच में क्या हो रहा है।
शिशुपाल सिंह गुर्जर
क्या कहते हैं अधिकारी
गणेशखेड़ा में अतिक्रमण का प्रयास किया गया था। इस संबंध में कार्रवाई की गई थी जितने भी लोग थे तो उन पर प्रकरण दर्ज किये जा चुके हैं। जिन दो आरक्षकों द्वारा लापरवाही बरती गई थी उन्हें निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच स्थापित की गई है। क्षेत्र में उडऩदस्ता का दल लगातार निगरानी रखे हुए है। वन सुरक्षा संबंधी ऐतिहात बरती जा रही है।लवित भारती, डीएफओ शिवपुरी






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