
शिवपुरी। जिला प्रशासन द्वारा इस बार जिले के सारे शिक्षकों की ड्यूटी लगाने उनकी ट्रेनिंग कराना शुरू कर दी है। खास बात यह है कि इस बार महिला शिक्षिकाओं की चुनाव में ड्यूटी पहली बार लगाई गई है। जिससे जिले की सभी स्कूलों की शिक्षिकाओं की ड्यूटी भी चुनावी ट्रेनिंग के दौरान लगने शुरू हो गई है। इससे स्कूलों की पढ़ाई व्यवस्था चौपट हो गई है और शिक्षक शिक्षिकाएं भी अब स्कूलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बजाए वह चुनावी ट्रेनिंग कर रहे हैं।
नवंबर माह में महज 15 दिन ही स्कूल लगने हैं। जिसमें शिक्षक शिक्षिकाओं की चुनावी ट्रेनिंग शुरू हो गई है और आगे ड्यूटी भी लगनी है। ऐसे में स्कूलों में पढ़ाई कैसे होगी। यह बड़ा सवाल है। जबकि 1 दिसंबर से अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुरू होनी हैं। हालात यही रहे तो छहमाही परीक्षा के साथ वार्षिक परीक्षा का परिणाम भी प्रभावित होना तय है।
खासबात यह है कि नवंबर माह में वैसे भी 14 दिन की छुट्टियां है। 5 दिन का दीपावली का अवकाश है 4 दिन की रविवार की छुट्टियां है। 21 नवंबर को ईद मिलादुन्नवी है। 23 नवंबर को गुरुनानक जयंती है। 28 नवंबर को मतदान का अवकाश है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए 3 एच्छिक अवकाश है। इन सबको मिलाकर 14 दिन की छुट्टियां है। यानि आधे दिन तो छुट्टियां में ही स्कूलों के निकल जाएंगे और इन आधे दिनों में ही शिक्षकों की ट्रेनिंग और डयूटी होनी है। ऐसे में पढाई कब होगी,बच्चों का रिवीजन कब होगा। यह न शिक्षक जानते है और न ही विद्यार्थियों को यह पता है।






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