
शिवपुरी। गत दिवस श्रीराम किशन सिंघल फाउंडेशन द्वारा हिंदी गजलकार गीतकार चंद्रसेन विराट के निधन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। संस्था सचिव डॉ. महेंद्र अग्रवाल ने दिवंगत कवि का परिचय देते हुए बताया कि वह हिंदी के इकलोते गजलकार है जिन्होंने इतनी विपुल मात्रा में गजलें कहीं हैं। संस्था की ओर से उन्हें सन 2009 में शिवपुरी आमंत्रित कर गिरजा शंकर गीत सम्मान से विभूषित किया गया था। अखलाक खान ने हिंदी गीत काव्य में विराट जी के अवदान को रेखांकित किया। विनय प्रकाश नीरव ने उनके गीत काव्य की श्रृंगारिक विशेषताओं का बखान किया। अरुण अपेक्षित ने हिंदी कविता की वाचिक परंपरा में विराट जी के संस्मरण साझा किये। दिनेश वशिष्ठ ने उनकी शिवपुरी यात्रा के समय के संवादों को दोहराया। डॉ.लखन लाल खरे ने चंद्रसेन विराट के व्यक्तित्व और कृतित्व के अनछुए पहलुओं को उजागर करते हुए उनकी विशेषताओं का वर्णन किया। अंत में उपस्थित सभी कवि शायरों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।






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