
शिवपुरी। एक कहावत चरितार्थ है कि राजनीति में कोई किसी का न तो सगा है और न ही कोई किसी का दुश्मन। यह कहावत आज कोलारस विधानसभा में चरितार्थ होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2007 के शिवपुरी उपचुनाव में कांग्रेस के वीरेन्द्र रघुवंशी के खिलाफ कई आमसभाएं लीं, यहां तक कि उनके पूरे मंत्रिमंडल ने शिवपुरी में डेरा डाल लिया था, लेकिन अकेले सांसद सिंधिया ने अपने दम पर वीरेन्द्र को चुनाव जिता दिया था और सीएम को मुंह की खानी पड़ी थी, लेकिन इसके बाद लगातार 2008, 2013 के आमचुनाव में सांसद सिंधिया ने वीरेन्द्र को जिताने उतनी दम नहीं लगाई जितनी उपचुनाव में, इसी कारण वीरेन्द्र दोनों आमचुनावों में औंधे मुंह आकर नीचे गिरे और उन्होंने कुछ समय बाद ही भाजपा का दामन थाम लिया। अब 2018 के आमचुनाव में भाजपा ने दलबदलू पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी का दांव खेला है जबकि भाजपा की डी-कंपनी सहित अन्य नेताओं ने उनकी जमकर खिलापत की। रोचक पहलू यह है कि आज मध्यप्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान उसी नेता के पक्ष में जनसमर्थन मांगने आ रहे हैं जिसको 2007 में हराने के लिए एडी चोटी का जोर लगा दिया था। अब देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि सीएम की सभा वीरेन्द्र के प्रति लोगों पर क्या असर दिखाती है, यह तो आने वाला वक्त ही बता पाएगा। हम आपको यहां यह अवश्य बता दें कि जहां-जहां सांसद सिंधिया का असर है वहां शिवराज तो क्या पूरी भाजपा भी बेअसर दिखाई पड़ती है यह बात हम नहीं कह रहे, बल्कि पुराने आंकड़े कह रहे हैं।






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