
कोलारस । जब आज एक गुप्त मीटिंग रखी जिसमे छमाही विधायक, उसके कुछ खास गुंडे (चुनाव को बल से प्रभवित करने की कोशिश करने वाले), कुछ खास गुर्गे (चुनाव को धन बल से प्रभवित करने की कोशिश करने वाले) और उसके माफिया पुत्र और कुछ खास साथी, जब चर्चा चली चुनाव पर सब अपने अपने व्यू रखने लगे और कहाँ क्या किया जा सकता है। उस पर चर्चा चलने लगी, फिर कुछ देर बाद कुछ लोग बोले भाईसाहब चुनाव तो अपन लोग जीत गए समझ लो, लेकिन चुनाव बाद हम क्या करेंगे? इस सवाल का जवाब देने तुरंत खुद छमाही विधायक खड़े हो गए और बोले कोलारस की जनता तो मूर्ख है जिसको मूर्ख बनाना उससे भी आसान है और फिर फिर 5 साल कही भी खोदो। सिंध पर तो अपन ही राज करेगे, सिंध पर आप और मैं मिलकर राज करेगे और इस कोलारस की जीवन दायनी सिंध नदी को सिर्फ और सिर्फ छमाही इस्तेमाल करेगा, और है दोस्तों मैं सिर्फ मेरा कमीशन का इंतजार करूँगा ।
दोस्तो ये शब्द मेरे नहीं सिर्फ और सिर्फ छमाही विधायक के है अब आप सोच सकते है कि जो व्यक्ति (छमाही विधायक) अभी तो सिर्फ प्रचार प्रसार कर रहा है और तब ये हाल है कि कोलारस लूटने की पूरी तैयारी कर रखी हो तो उसका क्या करना है ये जनता को तय करना है और फिर नतीजा जनता का …।
जनता से सवाल
वोट क्या रेत माफिया को ?
वोट क्या लोभ के दम पर ?
वोट पर क्या माफिया राज को ?
वोट क्या गुंडो को ?
वोट क्या क्रिमिनल लोगो को ?
वोट क्या आपराधिक प्रवत्ति वाले लोगो को ?






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