
शिवपुरी। निर्चाचन आयोग द्वारा भले ही चुनाव में प्रत्याशी को 28 लाख रुपए खर्च की सीमा तय की हो, लेकिन प्रत्याशी चोरी छुपे करोड़ों रुपए पानी की तरह जीतने के लिए बहाते हैं यह किसी से छुपा नहीं है, लेकिन तथ्यों के अभाव में किसी के खिलाफ कोई भी वैधानिक कार्रवाई नहीं हो पाती है। ऐसा ही मामला एक नगर सेठ का चर्चा में है। वह चर्चा में इसलिए है कि रात के अंधेरे में उनके मामाजी को लाखों रुपए जनता में बांटते हुए देखा गया है। भले ही इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई हो कि मामाजी पैसे बांट रहे थे, लेकिन अपुष्ट सूत्रों की मानें तो मामाजी के पास करीब 30 से 35 लाख रुपए थे और मतदाताओं को लुभाने के लिए बांट रहे थे। मामला की राजनीतिक गलियारों एवं मतदाताओं में चर्चा जोरों पर है।






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