जब भाजपा सत्ता में थी तो विधानसभा चुनाव के समय सांसद सिंधिया के साथ स्थानीय पुलिस का दिखा था भेदभाव
चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा ना होने से सांसद सिंधिया के हेलीकॉप्टर से खेलते नजर आए थे बच्चे, तब पुलिस ने कहा था कि सांसद सिंधिया सुरक्षा की उस केटेगरी में नहीं आते जिसमें उन्हें पुलिस जवानों की सुरक्षा दी जाए
शिवपुरी।मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार जाने और कांग्रेस की सरकार आने के बाद इस सत्ता परिवर्तन से अफसरों के कार्य व्यवहार में भी परिवर्तन देखा जा रहा है। इस परिवर्तन में अफसरों का व्यवहार अब कांग्रेस के नेताओं के प्रति ज्यादा लगाव वाला देखने को दिख रहा है। इसका उदाहरण सोमवार को उस समय देखने को मिला जब पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया जिस चार्टर प्लेन से शिवपुरी आए तो उसकी सुरक्षा के लिए 100 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात दिखे। पुलिस प्रशासन के कार्य व्यवहार में यह परिवर्तन सत्ता परिवर्तन के बाद देखा गया है। सोमवार को सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और चार्टर प्लेन की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने 100 से ज्यादा जवान सुरक्षा के लिए तैनात कर दिए। सोमवार को शिवपुरी हवाई पट्टी पर चार्टर्ड प्लेन के आसपास 100 पुलिस जवान तैनात थे। जबकि कुछ दिन पहले विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया जब चुनाव प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर से आए थे तो उस समय हेलीकॉप्टर से बच्चे खेलते नजर आए थे। उस समय सांसद सिंधिया की सुरक्षा में लापरवाही और हेलीकॉप्टर के आसपास खेलते बच्चों के फोटो मीडिया में आने के बाद जब शिवपुरी पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर से मीडिया कर्मियों द्वारा सवाल किए गए तो पुलिस अधीक्षक ने मीडिया कर्मियों से चर्चा में साफ कहा था कि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सुरक्षा की उस केटेगरी में नहीं आते हैं जिसमें उन्हें पुलिस जवान उपलब्ध कराए जा सकें।
*अब जवाब देने से कतरा रहे हैं पुलिस अफसर*
विधानसभा चुनाव के समय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को सुरक्षा मुहैया कराने में भेदभाव बरतने वाले अफसर अब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद इस मुद्दे पर जवाब देने से कतरा रहे हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद उन पुलिस अफसरों को जवाब देते नहीं बन रहा है जो विधानसभा चुनाव के समय सांसद सिंधिया को सुरक्षा केटेगरी में ना आने की बात कहते थे और सांसद सिंधिया को सुरक्षा देने से पीछे हटते थे लेकिन अब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार आने पर वहीं पुलिस अफसर कांग्रेस नेताओं की जी-हजूरी करते हुए देखे जा रहे हैं जिन्हें वह सुरक्षा देने से कतराते थे। फिलहाल सत्ता परिवर्तन होते ही सुरक्षा की कैटेगरी का मामला ठंडे बस्ते में चला गया है।






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