Press "Enter" to skip to content

सहकारी समिति टोड़ा पिछोर का कारनामा :25 साल पहले मृतक किसान भी बना कर्जदार-SHIVPURI NEWS

फर्जीवाड़ा

किसानों के नाम किया करोड़ों का

शिवपुरी। सहकारी समिति टोड़ा-पिछोर के प्रबंधक ने किसानों के नाम पर कर्ज निकल कर करोड़ों का फर्जीवाड़ा किया गया। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जय किसान मुक्ति किसान ऋण योजना के तहत किसानों का ऋण योजना चलाई जिसमें ग्रामीण अंचलों में कई किसानों के नाम से फर्जी कर्ज निकाल कर सोसायटी प्रबंधक कड़ोरपती बन बैठे। टोड़ा पिछोर संस्था के सैकड़ों किसानों के नाम पर करोड़ों रुपए निकाल कर मालामाल हुआ समिति प्रबंधक। बताया जा रहा है कि समिति प्रबंधक के पास आय से अधिक संपत्ति है। प्रशासन को इसकी बारीकी से जांच कर कार्रवाई की मांग ग्रामीण जनों ने की है।
सूची लगने से पता चला ग्रामीणों को
जब ग्राम पंचायत मुख्यालय पर किसानों की ऋण सूची चस्पा की गई जिसमें प्रत्येक गांव में कई ऐसे किसान शामिल है जो आज तक कोई कर्ज ही नहीं लिया। वहीं अधिकांश किसान ऐसे है कर्ज कम लिया और सूची में दोगना कर्ज दर्शाया जा रहा है।
25 साल पहले हो चुकी मौत फिर भी कर्जदार
आज से 12 साल पूर्व भी वर्ष 2007 में किसानों का कर्जमाफी की गई जबकि किसान लालाराम बढ़ाई की मौत करीब 25 साल पहले ही चुकी तो फिर यह अभी की सूची में शामिल हो गया।
सचिव भी कर रहे किसानों को गुमराह
ग्राम पंचायत कार्यालय में किसान कर्ज माफी योजना के भराए जा रहे फार्म में अभी तक किसानों को गुलाबी रंग का आपत्ति फार्म की जानकारी नहीं दी। जब कई किसानों ने सचिवों से कर्ज लेने या अधिक कर्ज होने की बात कही तो सचिवों द्वारा उन्हें गुमराह कर यह कह दिया जाता कि तुम्हें क्या करना सब माफ हो रहा है तुम तो सफेद फार्म भर दो।
इनका कहना है
मेरे पिता के नाम पर फर्जी लोन दर्शाया जा रहा है जबकि हमने कोई लोन ही नहीं लिया। पिताजी की मौत करीब 6 साल पहले हो चुकी है। हमें कर्ज की जानकारी अभी सेकेट्री के द्वारा मिली इससे पहले हमें कोई जानकारी नही थी पिता के नाम पर 98 हजार रुपए कर्ज बताया जा रहा है।
ईश्वरीप्रसाद कोली, किसान सिरसोना समिति टोड़ा पिछोर
मेरे ताऊ लालाराम का करीब 25 साल पहले मौत हो चुकी थी ओर आज तक कोई कर्ज नहीं लिया। लेकिन सेकेट्री के द्वारा बताया कि आप के ताऊ पर कर्ज है आप फार्म भर दो।
रामहेत बढ़ाई, किसान टोड़ा पिछोर
मैं कसम खाकर कह सकता हूं कि मैने आज तक सोसायटी तक नहीं देखी और ही मैंने कभी कोई कर्ज लिया। जब सेकेट्री ने बताया कि तुम पर 54 हजार रुपए कर्ज है तब मैंने कहा कि कर्ज नहीं लिया तो उन्होंने कहा कि सब माफ हो रहे आप तो फार्म भर दो।
सीताराम जाटव, किसान रहरगुवा समिति टोड़ा पिछोर
सचिव द्वारा किसी को यह भी नहीं बताया कि अगर आपको कोई आपत्ति है तो आप गुलाबी रंग का फार्म दो किसी को बताया और ही किसी ने गुलाबी फार्म भरा जबकि कई लोगों को आपत्ति है।
मलखानसिंह जाटव, किसान
मैं करीब पांच दिनों से गांवों में जा रहा करीब एक सैकड़ा से अधिक किसानों ने मुझे बताया कि हमने कर्ज नहीं लिया। फिर भी समिति प्रबंधक ने हमे कर्जदार बना दिया और हमारे नाम पर कर्ज लेकर फर्जीबाड़ा किया में किसानों की लड़ाई के लिए आंदोलन के लिए भी तैयार हूं।
सतीश फौजी किसान नेता
पूर्व जिला पंचायत सदस्य
जिन किसानों को समस्या है उन को गुलाबी रंग का फार्म भरना चाहिए मेरे पास कोई ऐसी शिकायत नही आई अगर कोई शिकायत करता है तो में कार्यवाई करूंगा।
उदयसिंह सिकरवार
एसडीएम करैरा
More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!