
प्लेटफार्म नं. 1 पर गाड़ी और प्लेटफार्म के बीच 1 फीट का गैप यात्रियों के लिए बना मुसीबत
शिवपुरी। रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म और पटरी के बीच गैप इतना रखा जाता है कि जब गाड़ी प्लेटफार्म पर रुके तो बोगी के द्वार और प्लेटफार्म के बीच गैप न हो ताकि यात्री सुविधाजनक ढंग से गाड़ी में चढ़ व उतर सकें, लेकिन शिवपुरी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई है। स्टेशन के मुख्य प्लेटफार्म क्रमांक-1 पर कई स्थानों पर पटरी व प्लेटफार्म के बीच का गैप 6 इंच से लेकर 1 फीट तक बढ़ गया है जिसके चलते जब यहां यात्री गाड़ी रुकती है तो कई बोगियों को प्लेटफाम के बीच इस गैप के कारण यात्रियों को चढ़ने-उतरने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
यात्री हो रहे चोटिल
इस लापरवाही के कारण रेलवे स्टेशन पर आए दिन यात्री चढ़ते-उतरते वक्त चोटिल हो रहे हैं। अभी तक कोई गंभीर हादसा तो घटित नहीं हुआ, लेकिन इस तकनीकी खामी को दूर नहीं किया गया तो बड़ा हादसा घटित हो सकता है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों व महिला यात्रियों को आ रही है जिन्हें इस गैप के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा दिव्यांग यात्रियों के लिए भी यह खामी मुसीबत बन सकी है।
रोजाना 3 से 5 हजार यात्री करते हैं सफर
शिवपुरी स्टेशन की बात करें तो पिछले एक दशक से वहां रेल सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। प्रतिदिन यहां से करीब 8 से 10 यात्री गाड़ी गुजरती हैं जिनसे शिवपुरी स्टेशन से ही करीब 3 से 5 हजार यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा यात्री गाड़ियों का स्टॉपेज प्लेटफार्म नं. 1 पर ही रहता है और कई गाड़ियों का स्टॉपेज बेहद कम है। ऐसे में आपाधापी के दौरान उतरने व चढ़ने वाले यात्री इस गैप के कारण हादसे का शिकार हो सकते हैं।
बारिश से बिल्डिंग में भी आए थे क्रेक
बता दें कि शिवपुरी का रेलवे स्टेशन जिस जगह है वहां काली मिट्टी है और यही कारण है कि कई साल पहले जब स्टेशन का निर्माण हुआ और बिल्डिंग बनकर तैयार हुई तब उसमें बड़े-बड़े क्रेक, दीवार और फर्श में आ गए थे, जिन्हें बाद में नए सिरे से ठीक कराना पड़ा था। इसी तरह पांच साल पहले फुट ओवर ब्रिज के निचली सतह पर भी क्रेक आने से परेशानी हुई थी।
बारिश को कारण बता रहे अधिकारी
इस संबंध में जब रेलवे के स्थानीय अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने ऑन रिकॉर्ड कहने से तो इंकार किया, लेकिन उनका मानना है कि इस बार शिवपुरी अंचल में अधिक बारिश हुई है जिससे इस तरह का गैप निर्मित हो गया है। हालांकि रेलवे के अधिकारियों ने दबी जुबान इस लापरवाही को स्वीकारा है और आला अधिकारियों को मामला संज्ञान में लाकर जल्द ही सुधार की बात कही है।
इनका कहना है
शिवपुरी का स्टेशन काली मिट्टी में बना हुआ है। इस कारण इस तरह की िस्थति निर्मित हो सकती है। हालांकि इस संबंध में आज ही जानकारी सामने आई है। इस संबंध में उचित कदम तत्काल उठाए जाएंगे।
यूएस सोलंकी, स्टेशन मास्टर शिवपुरी।






Be First to Comment