शिवपुरी। मृतकों के नाम पर भी कर्जलिया जा रहा है। सरकारी दस्तावेज इसके गवाह हैं। जिस व्यक्ति की 25 साल
पहले मौत हो गई और तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने उसका कर्ज भी माफ कर दिया
था, लेकिन वर्ष 2019 में वही मृतक एक बार फिर से कर्जदार बन गया। यह
कारनामा कर दिखाया है खतौरा सोसायटी ने। जिसने मृतक के नाम पर ही 19201 का
कर्ज दिखा दिया है जब यह कर्जमाफी का पत्र मृतक के भाई को मिला तो उसके होश
उड गए। मृतक के भाई ने इसकी शिकायत आला अधिकारियों से की है।
मृतक
चिंटू पुत्र ब्रखा निवासी मगरौरा ने कृषि के लिए 6480 रुपए का कर्ज लिया
था। यह कर्ज बढकर करीब 12 हजार के आसपास हो गया था। इसके बाद मनमोहन सरकार
ने कर्ज माफी के दौरान चिंटू का कर्ज माफ कर दिया था, लेकिन तब तक चिंटू की
मौत हो गई थी और उसके बड़े भाई चैतू ने कर्जमाफी का प्रमाण पत्र भी हासिल
कर लिया था।
2019 में चिंटू पर दिखाया 19201 का कर्ज
कर्ज माफी की सूची जब
मगरौरा पंचायत में लगाई गई तो गांव के लोग हैरान रह गए। जिस चिंटू की 25
साल पहले मौत हो गई थी, उसका कर्ज भी माफ हो गया था तो फिर उसे एक बार बैंक
ने कैसे कर्जदार बना दिया है। इसकी सूचना जब उसके बड़े भाई चैतू को दी तो
उन्होंने बताया कि चिंटू का कर्जा तो वर्ष 2008 में तत्कालीन मनमोहन सरकार
ने माफ कर दिया था। अब एक बार फिर से उसे कर्जदार बना दिया है और उसका कर्ज
19201 रुपए भी दर्शा दिया गया है। चिंटू के भाई चैतू का कहना है कि उसके
पास ऋणमाफी के तत्समय के पत्र भी मौजूद है।
चिंटू पर दर्शाए गए कर्ज को
लेकर उसके भाई चैतू का कहना है कि उसके पास तो
इतना पैसा भी नहीं हैं कि वह चिंटू का कर्ज चुका सके। वह किसी तरह से अपना व
अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा है जबकि चिंटू का विवाह नहीं हुआ था।
इसलिए चिंटू उसके साथ ही रहता था। चैतू ने बताया कि इसकी शिकायत उसने
पंचायत सचिव से लेकर खतौरा सोसायटी के प्रबंधक से भी है। आला अधिकारियों को
भी इस बारे में बताया है।
सहकारी समिति टोड़ा ने भी बनाया मृतक को कर्जदार
सहकारी समिति
टोड़ा-पिछोर में जब सूची ग्राम पंचायत पर लगाई तो लोग हैरान रह गए, क्योंकि
गांव के लालाराम की 24 साल पहले मौत हो गई थी। जब लालाराम ने कर्ज लिया था
तो उस समय उसका कर्ज माफ हो गया था, लेकिन 2019 में लालाराम को फिर से
कर्जदार बना दिया और उसके नाम पर 50 हजार से अधिक का कर्ज दर्शा दिया गया।
लालाराम को कर्जदार बनाने को लेकर उसके परिजन रामहेत ने बताया कि लालराम
उसके ताऊ थे। उनकी मौत के बाद भी उन्हें कर्जदार बना दिया है।
सोसायटी और सहकारी बैंक प्रबंधकों की मिलीभगत से हुआ गोलमाल
किसान
होतम, हल्के, सुखदेव का कहना है कि सोसायटियों ने लोगों को कर्जदार बना
दिया। लोगों पर कर्ज दिखा दिया गया। यह सब हुआ है सोसायटी और सहकारी बैंकों
के प्रबंधकों की मिलीभगत से। जिन्होंने मृतक सहित ऐसे किसानों के नाम पर
कर्ज निकाल लिया, जिन्होंने कभी कर्ज लिया ही नहीं। इस पूरे मामले की जांच
हो तो जिले भर में ऐसे कई मामले सामने आएंगे। लाखों रुपए के कर्ज का गोलमाल
भी सामने आएगा, जिससे दोषियों को सजा मिल सकेगी।
यह बोले अधिकारी
यह बात सही है कि
कर्जमाफी के दौरान कुछ मामले गड़बड़ी के सामने आए हैं। मगरौरा, पीरौठ व टोड़ा
सहित कुछ अन्य स्थानों पर गड़बड़ी को लेकर प्राथमिक स्तर पर जांच के बाद
रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई हैं। इसके बाद कलेक्टर ने ब्रांच मैनेजर और
सोसायटी मैनेजर के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। सोसायटी मैनेजर
पर कार्रवाई जिला रजिस्ट्रार द्वारा की जाएगी।
केएस कुशवाह, जिला प्रबंधक केंद्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी।






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