कथित भाजपा नेता कांग्रेसियों के संरक्षण में बना रहा था दुकानें
शिवपुरी।
शहर के बीचोंबीच ईदगाह के समीप स्थित बेशकिमती शासकीय जमीन पर धड़ल्ले से
दुकान निर्माण का कार्य एक कतिप्य भाजपा नेता कांग्रेसियों के संरक्षण में
कर रहा था। मामला तूल न पकड़े इसलिए टेंट लगाकर दुकान निर्माण की जा रही
थीं। बताया तो यहां तक जाता है कि लाखों रूपए लेकर उक्त दुकानों का अवैध
विक्रय भी कर दिया गया था। खास बात यह है कि इन दुकानों का निर्माण न तो
ईदगाह कमेटी और न ही मुस्लिम समाज द्वारा किया जा रहा। शिकायत पर एसडीएम ने
फिलहाल तो दुकान निर्माण का कार्य रोक दिया है हालांकि एक बार पहले भी
दुकान निर्माण का कार्य रोका गया था, लेकिन दोबार फिर शुरू कर दिया गया।
शहर के बीचोंबीच ईदगाह के समीप स्थित बेशकिमती शासकीय जमीन पर धड़ल्ले से
दुकान निर्माण का कार्य एक कतिप्य भाजपा नेता कांग्रेसियों के संरक्षण में
कर रहा था। मामला तूल न पकड़े इसलिए टेंट लगाकर दुकान निर्माण की जा रही
थीं। बताया तो यहां तक जाता है कि लाखों रूपए लेकर उक्त दुकानों का अवैध
विक्रय भी कर दिया गया था। खास बात यह है कि इन दुकानों का निर्माण न तो
ईदगाह कमेटी और न ही मुस्लिम समाज द्वारा किया जा रहा। शिकायत पर एसडीएम ने
फिलहाल तो दुकान निर्माण का कार्य रोक दिया है हालांकि एक बार पहले भी
दुकान निर्माण का कार्य रोका गया था, लेकिन दोबार फिर शुरू कर दिया गया।
प्राप्त
जानकारी के अनुसार शहर में झांसी रोड़ पर शासकीय भूमि पर पिछले समय एक
सुनियोजित अंदाज में दुकानों का निर्माण किया जा रहा था जब इस मामले की
शिकायत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को की गई तो मौके पर पहुंचे
दल ने पहली नजर में ही इस निर्माण को अवैध बताते हुए रोक लगा दी। इस दौरान
पहुंचे तहसीलदार ने दुकान निर्माण के सर्वे नम्बर को शासकीय बताया। तब से
यह कार्य रूका हुआ था, लेकिन बाद में निर्मार्णाधीन दुकानों के बाहर बड़े ही
सुनियोजित अंदाज में चारों तरफ टेंट लगाकर अंदर ही अंदर दुकान निर्माण को
अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी की जाने लगी ताकि अंदर चल रहे निर्माण कार्य
की किसी को भनक तक न लगे, परंतु नागरिकों ने जब टेंट लगा देखा तो उन्हें
संदेह हुआ और खोजबीन करने पर पूरा मामला उजागर हो गया तथा प्रशासन के
संज्ञान में लाकर निर्माण कार्य रूकवा दिया गया। सूत्र बताते हैं कि एक एक
दुकान को 10 से 12 लाख रूपए में बेचा गया था।
जानकारी के अनुसार शहर में झांसी रोड़ पर शासकीय भूमि पर पिछले समय एक
सुनियोजित अंदाज में दुकानों का निर्माण किया जा रहा था जब इस मामले की
शिकायत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को की गई तो मौके पर पहुंचे
दल ने पहली नजर में ही इस निर्माण को अवैध बताते हुए रोक लगा दी। इस दौरान
पहुंचे तहसीलदार ने दुकान निर्माण के सर्वे नम्बर को शासकीय बताया। तब से
यह कार्य रूका हुआ था, लेकिन बाद में निर्मार्णाधीन दुकानों के बाहर बड़े ही
सुनियोजित अंदाज में चारों तरफ टेंट लगाकर अंदर ही अंदर दुकान निर्माण को
अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी की जाने लगी ताकि अंदर चल रहे निर्माण कार्य
की किसी को भनक तक न लगे, परंतु नागरिकों ने जब टेंट लगा देखा तो उन्हें
संदेह हुआ और खोजबीन करने पर पूरा मामला उजागर हो गया तथा प्रशासन के
संज्ञान में लाकर निर्माण कार्य रूकवा दिया गया। सूत्र बताते हैं कि एक एक
दुकान को 10 से 12 लाख रूपए में बेचा गया था।





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