शिवपुरी/ नुकसान को देखते हुए एस्सेल कंपनी ने एनएचएआई के हेडक्वार्टर दिल्लीमें खुद को प्रोजेक्ट से टर्मिनेट करने के लिए लेटर दे दिया है। कंपनी के
इस कदम से शिवपुरी शहर की जनता पर दो तरह से असर पड़ेगा। पहला फोरलेन बायपास
चालू होने में काफी वक्त लग सकता है और दूसरा शहर के बीच से गुजरे एनएच-3
का निर्माण शुरू नहीं हो पाएगा।
शहर के पुराने बायपास पर ट्रैफिक का दबाव बना रहने से लोगों की समस्या
जस की तस बनी रहेगी। बता दें कि ग्वालियर-शिवपुरी टोल रोड के लिए एस्सेल
कंपनी का एनएचएआई के बीच 29 साल तक टोल वसूलने का अनुबंध है। जिसमें हर साल
कंपनी को 66 करोड़ रुपए एनएचएआई को देना है। साथ ही 5% राशि हर साल बढ़ाकर
देना है। टोल चालू होने के बाद कंपनी को काफी घाटा हो रहा है। नुकसान को
देखते हुए कंपनी ने प्रोजेक्ट से खुद को टर्मिनेट करने के लिए पत्र भेजा
है।
ग्वालियर-शिवपुरी के बीच फोरलेन सड़क बनाने के बाद एस्सेल कंपनी प्रोजेक्ट
से हाथ खींचना चाहती है। जनवरी के पहले सप्ताह से टोल प्लाजा चालू होने के
बाद कंपनी को हर दिन 4 से 5 लाख रुपए का घाटा हो रहा है।




