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नपा परिषद ने माना नहीं मिलेगा जनता को सिंध का पानी, टैंकरों पर बनी सहमति -shivpuri news

शिवपुरी। नगर की आवाम सिंध जल आवरधन योजना
पूरी होने की हर पल आस लगाए हुए हैं, लेकिन सिंध् के पानी मिलने की आस खो
बैठे नपा के पार्षदों ने शनिवार को आहूत परिषद की बैठक में एक राय होकर नगर
के सभी 39 वार्ड में छोटे बड़े टैंकर दौड़ाने सहित केबल, पाइप खरीदी पर हर्ष
ध्वनि से सहमति दे दी। यह टैंकर सभी वार्ड में अलग अलग रेट पर निविदा
आमंत्रित कर दौडेंगे। उनका यह कदम कितना कारगर और किसलिए है कहने की
आवश्यकता नहीं लेकिन मडीखेडा पेयजल योजना पर फिर सवालिया निशान लग गया है,
और आने वाली गर्मी में नपा ने फिर एक बार करोडों खर्च करने की तैयारी को
ओके कर दिया है। आज खुद नपा के उपाध्यक्ष अन्नाी शर्मा ने परिषद में कहा
कि वे आज नहीं बलकी पिछले साल से कह रहे हैं कि मडीखेडा योजना का जल्द पूरा
होना संभव नहीं। पानी संकट की घंटी बज चुकी हैं और सिंध की आस छोडकर अन्य
वैकल्पिक इंतजामों पर जोर दिया जाए। यह बात उन्होंने तब कही जब पार्षद आकाश
ने पूछा कि नगर के सभी वार्ड में कब तक बिछ जाएगी लाइन और कब तक कनेक्शन
हो सकेंगे। आकाश ने कहा कि विवेकानंद कालोनी में लाइन बिछ गई है लेकिन
कनेक्शन किए बगैर गडडे भर दिए गए।

 इस पर नपा के अधिकारी बोले 259 में से अब
तक 14 किमी लाइन बिछ गई है और कुछ ओवरहेड टकियां भी जोडी जा चुकी हैं।
जहां तक कनेक्शन का सवाल है पीआईसी में कनेक्शन का बिंदु भी पास हो गया है।
अब उसे पास कराने के लिए प्रस्ताव शासन के पास भेजेंगे। जैसे ही
अधिकारियों ने यह बात कही। तो इस बात को लेकर हंगामा होने लगा पार्षद
आकाश और भानु दुबे बोले प्रस्ताव इस तरह से पास कराने में तो कई महीने लग
जाएंगे जब तक जनता जूते मारेगी। इसलिए सीएमओ प्रस्ताव लेकर भोपाल जाएं और
हैंड टू हैंड भोपाल से प्रस्ताव स्वीकृत कराकर लाए जिससे कनेक्शन दिए जा
सकें। लेकिन इसके जबाव में उपाध्यक्ष अन्नाी ने कहा कि आज भी कहता हूं कि
सिंध का पानी इस गर्मी में नहीं मिल पाएगा। इधर पार्षद नीलम बघेल ने भी कहा
कब बिछेगी वार्ड में लाइन और कब होंगे कनेक्शन।

एक राय होकर एजेंडे के 4 बिंदु कर दिए निरस्त

परिषद के एजेंडे में
रखे गए चार बिंदुओं को पार्षदों ने एक राय होकर निरस्त कर दिया। इस संबंध
में हस्ताक्षरित पत्र तैयार कर सीएमओ को सौंपा है, जिससे भविष्य में यह
बिंदु अगली परिषद में रखे जाएं। पार्षद भानु दुबे, हरीओम काका, अजय भार्गव,
बलवीर यादव, अरुण पंडित, आकाश शर्मा, डिंपल जैन सहित कर्ह महिला पार्षदों
का कहना था कि एजेंडे के कई बिंदु चुपचाप पास कर लिए जाते हैं, इसलिए हमने
सामूहिक रूप से यह कदम उठाया है। इन बिंदुओं में पीआईसी के मुद्दे सहित
बिंदु क्रमांक 25, 27, 29, 30 को एक राय से पार्षदों ने निरस्त कर दिया। इस
बारे में उपाध्यक्ष अन्नाी शर्मा की भी सहमति थी। उन्होंने कहा कि एजेंडे
ऐसे सभी बिंदु पास कर दिए गए हैं, जिनसे जनता को लाभ होगा, लेकिन निजी हित
और विवादास्पद बिंदुओं को हमने निरस्त कर दिया है। परिषद के आज पास हुए
बिंदुओं में तीन बिंदु पिछली परिषद में ही पास हो गए थे। इनमें बीते साल के
टैंकर का भुगतान भी शामिल था।

घसारई व फिल्टर प्लांट की मोटरों के मेंटेनेंस के 80 लाख के खर्च को लेकर हंगामा
घसारई
व फिल्टर प्लांट पर 8-8 लाख कीमत की दो मोटरें रखी गई हैं लेकिन उनका
वार्षिक मेंटेनेंस 80 लाख रुपए खर्च बताया गया, जिसे लेकर पार्षदों ने
आपत्ती दर्ज कराई तो इंजीनियर आरडी शर्मा ने कहा कि पहले तो इसका खर्च 96
लाख रुपए होता था। इसके बाद नपा उपाध्यक्ष अन्नाी शर्मा ने कहा कि इतनी
राशि में तो कई मोटरें आ जाएगी और मोटरों के लिए 15 लाख और मेंटेनेंस के
लिए 20 लाख ऱᆬपए रखे जाएं।

नगर में अवैध कॉलोनी को नपा नहीं देगी परमिशन
परिषद
में नगर की अवैध कॉलोनियों को लेकर भी सवाल उछला, उपाध्यक्ष ने कहा कि शहर
की नामचीन गांधी कॉलोनी, विवेकानंद नपा के रिकॉर्ड में अवैध दर्शायी गईं,
जबकि फक्कड़ कॉलोनी और लुधावली के इलाके वैध बताए गए। यह कैसे संभव है।
इसलिए अवैध निर्माण रोकने के लिए नपा परमीशन देना बंद कर दें। इस पर सीएमओ
ने कहा पहले क्या हुआ वे नहीं जानते, लेकिन अब जो भी अनुमति दी जा रही है,
उस पर वे नोट लगाना नहीं भूलते कि अवैध होना प्रतीत हो रहा है, लेकिन
उपाध्यक्ष और पार्षद भानु ने हंगामा करते हुए कहा कि अवैध कॉलोनियों को जो
सर्वे कलेक्टर करा रही है, उसके बाद उन पर कार्रवाई अमल में लाई जाए, साथ
ही अवैध तलघरों पर भी कार्रवाई की जाए।

केबल और पाइप हो रही हैं चोरी

नकली
केबल के फेर में शहर के 450 बोर में से 215 खराब पड़ी हैं। इसके चलते केबल
और पाइप नलकूप से बाहर निकाल दिए और नतीजा यह हो रहा है कि यह माल चोरी हो
रहा है। उपाध्यक्ष ने खुलासा करते हुए कहा कि 20 प्रतिशत माल चोरी हो चुका
है, जबकि स्टार्टर तक सुरक्षति नहीं हैं। साथ ही नलकूपों का जलस्तर घटने का
भी मुद्दा उठा जिस पर उपाध्यक्ष अन्नाी ने कहा कि सोमवार तक नपा में सामान
आ जाए। सभी नलकूपों में सामान डाला जाए, जिससे जनता को पानी मिल सके।
उन्होंने कहा कि यदि सामान नहीं आया तो वे कानून तोड़ने में भी संकोच नहीं
करेंगे।

प्लास्टिक पाइप की लाइन डाली, भुगतान ले रहे जीआई पाइप

कुछ
साल पहले शहर के 22 वार्ड में पानी की लाइन बिछाने के भुगतान का मामला
गरमाया फाइल में जीआई पाइप डालना दिखाया, जबकि परिषद में प्लास्टिक पाइप
बिछाने के नाम पर भुगतान स्वीकृत को लेकर पार्षद भड़क गए। इस बिंदु को
निरस्त कर दिया गया। ठेकेदार के भुगतान पर भी रोक लगाने की बात कही गई।

मनमाने ढंग से पाइप लाइन डालने का आरोप

परिषद
में पार्षदों ने मुद्दा उठाया कि कुछ नई कॉलोनियां बनी है। इन कॉलोनियों
में पानी की पाइप लाइन डाल दी गई है, जबकि सबसे पहले शहर की उन बस्तियों
में पाइप लाइन डालनी थी, जिसमें ज्यादा गंभीर जल संकट हैं। पार्षदों ने
भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप भी ठेकेदार और नपा कर्मचारियों पर लगाए हैं।
इन पर भी हुई बात
-परिषद
के दौरान बल्लू खान ने कहा कि पीएसक्यू पार्क का निर्माण नहीं हो रहा
सीएमओ ने बताया कि भूमि पर विवाद है। दूर होने पर ही निर्माण होगा। वहां की
टंकी खतरनाक होने को लेकर सीएमओ ने कहा कि इंजीनियर टेस्टिंग के बाद यदि
उसे खतरनाक बताएंगे तो तत्काल कदम उठाएंगे। वे जल्द टेस्टिंग करा रहे हैं।
-पार्षद
विष्णु राठौर ने कहा कि नगर अतिक्रमण की चपेट में हैं। नपा नियम से काम कर
अतिक्रमण क्यों नहीं तोड़ती। पार्षद तो मजबूर हैं, लोग आते हैं तो बचाव में
आना पड़ता है। इस पर उपाध्यक्ष ने कहा कि पार्षद को तटस्थ रहना चाहिए, तभी
अतिक्रमण टूट सकते हैं।
-नपा की 50 दुकानों में नियम विरुद्ध हो रहा
उपयोग। एटीएम से लेकर प्रतिबंधित नियम ताक पर यह बात पार्षद आकाश ने कही और
जांच कराने की बात कही।
-पार्षद ममता शेजवार परिषद में अपने देवर
राजू के साथ आईं थीं। राजू खासे गुस्से में थे, उन्होंने नगर के बस स्टैंड
से सूत्र सेवा बसों के संचालन पर ऐतराज जताया और कहा कि इसके कारण हड़ताल
हुई है। उन्होंने अन्य कई सवाल पूछे तो वहीं अपने वार्ड में काम न होने
पर ममता ने भी आक्रोश जताया।
-शहर के सुभाष मार्केट सहित पत्रकार भवन और अन्य दुकानों की नीलामी कराने और वहां टॉयलेट के निर्माण कराने पर भी बनी सहमति।
-शहर
के वार्ड में नलकूप मोटर निकालने व डालने के ठेके को लेकर बड़ी देर तक
गर्मागर्म बहस होती रही। उपाध्यक्ष ने कहा कि चार साल से एक ही ठेकेदार को
हर बार प्रशासकीय स्वीकृति देकर नपा के राजस्व का घाटा किया जा रहा है।

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