रेलवे में तो छूट लेकिन टोल बैरियर, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन में नहीं मिल रहा लाभ
शिवपुरी-यूं तो लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रूप में पत्रकारों की पहचान जन-जन में व्याप्त है और इसके लिए शासन स्तर से कई पत्रकारों को मप्र शासन द्वारा अधिमान्यता प्रदान कर उन्हें शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए अनेकों योजनाऐं संचालित है लेकिन अधिमान्य पत्रकारों को सिवाय रेल विभाग के अन्य किसी भी प्रकार की मिलने वाली सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा। फिर चाहे आरटीई के तहत प्रवेश हो, सरकसरी अथवा निजी अस्पताल में उपचार हो या फिर परिवहन हो, इनमें किसी भी प्रकार से अधिमान्य पत्रकारोंं को शासन की योजना के तलाभान्वित नहीं किया जा रहा है। इससे अधिमान्य पत्रकारों में रोष व्याप्त है।
बताना होगा कि अधिमान्य पत्रकारों को रेल विभाग में पंजीकृत होने पर 50 प्रतिशत किराए में छूट का प्रावधान है इसी प्रकार अन्य विभागो में भी अधिमान्य पत्रकारों को लाभ मिलना चाहिए। लेकिन देखने में आ रहा है कि शासन की योजनाओं में से कोई भी लाभ पत्रकारों को नहीं मिल पा रहा। कई बार देखने में आया है कि मप्र शासन द्वारा जारी अधिमान्य पत्रकार का पहचान पत्र टोल बैरियरों से गुजरने पर भी विवादपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ता है। वहीं परिवहन में अधिमान्य पत्रकारों को जिले से बाहर जाने के लिए किसी वाहन में यात्रा करनी हो तो इसके लिए भी उसे किसी प्रकार का लाभ नहीं मिल पा रहा और वह यात्रा की आम सामान्य यात्री की भांति किराया चुकाकर अपना सफर करता है। जबकि अधिमान्य पत्रकारों के लिए परिवहन में ना केवल सीट आरक्षित होती है बल्कि उन्हें किराए में भी लाभ मिलता है। इसके अलावा अधिमान्य पत्रकारों के बच्चों के लिए आरटीई के तहत प्रवेश मिलना चाहिए, निजी अथवा सरकारी अस्पताल में शासन की योजनानुरूप स्वास्थ्य सेवाऐं प्राप्त होनी चाहिए लेकिन किसी भी प्रकार की योजनाओं का लाभ अधिमान्य पत्रकारों को नहीं मिल रहा है। इससे अधिमान्य पत्रकारों में रोष व्याप्त है। इन सभी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अधिमान्य पत्रकारों ने जनसंपर्क के माध्यम से शासन के द्वारा अधिमान्य पत्रकारों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी प्रदाय करने के लिए योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, टोल बैरियर पर भी अधिमान्य पत्रकारों को छूट प्रदाय हो, आरटीई के तहत प्रवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि में भी शासन की योजनाओं से अधिमान्य पत्रकारों को लाभ मिले यह मांग सभी अधिमान्य पत्रकारों ने की है।





Be First to Comment