शिवपुरी। धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किए गए जमीन कारोबारी विनोद जैन की जमानत अर्जी आज अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरूण कुमार वर्मा ने निरस्त कर दी। न्यायाधीश महोदय ने अपने आदेश में लिखा है कि आरोपी विनोद जैन के खिलाफ गंभीर प्रकृति का अपराध पंजीबद्ध है और उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। एडीजे अरूण कुमार वर्मा ने फैसले में लिखा कि आरोपी ने सुनियोजित रूप से अपराधिक षडयंत्र कर पैसे हड़पने का षडयंत्र रचा है। इस मामले में फरियादी हरीशरण गोयल के अभिभाषक मुनेश मिश्रा भी न्यायालय में उपस्थित हुए और उन्होंने जमानत अर्जी का विरोध किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी विनोद जैन पर फरियादी हरीशरण गोयल ने कोतवाली शिवपुरी मेें भादवि की धारा 420 के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया था। इस मामले में उनके अलावा उनकी पत्नी मीना जैन और ज्योति गुप्ता को भी आरोपी बनाया गया था। फरियादी का कथन है कि आरोपी विनोद जैन ने महाराणा प्रताप कॉलोनी में स्थित 1216 वर्ग फुट का प्लॉट उसे 17 लाख रूपए में बेचने का अनुबंध किया। जिनमें से 15 लाख रूपए बयाने में प्राप्त कर लिए गए। शेष रूपया बक्त रजिस्ट्री देना तय हुआ। लेकिन आरोपी विनोद जैन ने उक्त जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई और न ही उनकी धनराशि वापिस की। फरियादी ने उक्त प्लॉट पर दुकानों का निर्माण कर लिया। फरियादी हरीशरण गोयल ने ज्योति गुप्ता से 17 लाख 60 हजार रूपए में उक्त प्लॉट से लगा हुआ प्लॉट क्रय करने का अनुबंध किया लेकिन आरोपी ने उक्त प्लॉट की रजिस्ट्री फरियादी को न कराते हुए कपिल गुप्ता को करा दी।





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