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आकाश विजयवर्गीय की जमानत याचिका पर सुनवाई आज, रिहाई के लिए भूख हड़ताल पर बैठी महिला ! Bhopal News

  • रेखा अपने बेटे के साथ धरने पर बैठीं।
  • निगमकर्मी की पिटाई मामले में आकाश विजयवर्गीय को 11 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है
  • जमानत याचिका इंदौर कोर्ट से खारिज होने के बाद भोपाल में लगाई गई है

भोपाल, निगमकर्मी से बैट से पिटाई करने के मामले में शनिवार को भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय की जमानत पर भोपाल की विशेष अदालत सुनवाई कर सकती है। भाजपा नेता विश्वास सारंग वकील के साथ काेर्ट में मौजूद हैं।केस डायरी दोपहर में इंदौर से भोपाल पहुंच गई है। शुक्रवार को आकाश की तरफ से कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी, जिस पर कोर्ट ने इंदौर से केस फाइल मंगवाने के आदेश देते हुए सुनवाई के लिए शनिवार का दिन तय किया था। दूसरी ओर विधायक की रिहाई को लेकर एक महिला अपने बेटे के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गई है।
विधायकों और सांसदों के प्रकरणों की सुनवाई के लिए भोपाल में एक विशेष अदालत है। आकाश के मामले की सुनवाई अधिसूचित विशेष न्यायालय के न्यायाधीश सुरेश सिंह कर रहे हैं। 
विधायक की रिहाई के लिए भूख हड़ताल पर बैठी महिला
जेल में बंद विधायक आकाश विजयवर्गीय की रिहाई की मांग को लेकर एक महिला अपने बेटे के साथ इंदौर में गांधी प्रतिमा पर शुक्रवार दोपहर से भूख हड़ताल पर बैठी है। हड़ताल पर बैठीं रेखा सिंह का कहना है कि आकाश जी हमारे विधायक हैं, वे बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। उनको इस प्रकार से जेल में रखना गलत है। आकाश जी जब जेल से रिहा होकर आएंगे और हमें पानी पिलाएंगे, तभी हम भूख हड़ताल खत्म करेंगे।
यह है मामला
तीन दिन पहले अति खतरनाक मकान को ढहाने के लिए निगम अधिकारी धीरेंद्र बायस टीम के साथ गंजी कंपाउंड पहुंचे थे। कार्रवाई के दौरान विधायक मौके पर पहुंचे और कार्रवाई रोकते हुए मौके से जाने को कहा था। विधायक के कहने के बाद भी टीम ने कार्रवाई जारी रखी तो गुस्साए विधायक ने बायस की बैट से पिटाई कर दी थी। मामले में पुलिस ने हिरासत में लेकर उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 11 जुलाई तक जेल भेज दिया गया था। इसके बाद विधाय के वकील ने सेशन कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे विशेष न्यायाधीश बी. के द्विवेदी की कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया था। न्यायाधीश बीके द्विवेदी ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद जनप्रतिनिधियों के लिए भोपाल में बनी विशेष अदालत में शुक्रवार को याचिका दायर की गई, जहां पर कोर्ट ने इंदौर से केस डायरी मंगवाने के आदेश दिए थे।
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