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कमिश्नर ने आईजी को पत्र लिखकर कहा- एसआई को बर्खास्त कर तत्काल गिरफ्तार करें ! gwalior News

फलदान में दहेज के रूप में मिले रुपयों से भरा थाल हाथ में लिए एसआई। - फाइल

  • संभागायुक्त रेनू तिवारी के दफ्तर में घुसकर एसआई ने उनसे किया अमर्यादित व्यवहार 
  • लड़की पक्ष ने कार देने से किया इनकार तो एसआई नहीं ले गया था बारात

दतिया/मुरैना. दहेज में क्रेटा कार नहीं मिलने पर बारात लेकर जाने से इंकार करने वाले दतिया में पदस्थ सब इंस्पेक्टर भास्कर शर्मा केस दर्ज होने के बाद भी संभागायुक्त रेनू तिवारी से मिलने के लिए पहुंच गया। इतना ही नहीं सब इंस्पेक्टर ने कमिश्नर से अमर्यादित भाषा में बात करते हुए यहां तक कह दिया कि पुलिस तो मेरे खिलाफ केस कभी दर्ज नहीं करती, अगर आप दबाव नहीं डालती।
सब इंस्पेक्टर के दुस्साहस से हैरत में पड़ी चंबल कमिश्नर ने 18 जुलाई को ही आईजी चंबल रेंज डीपी गुप्ता को अपने कार्यालय से पत्र जारी कर पूछा है कि इतने संगीन अपराध का आरोपी सब इंस्पेक्टर निलंबित होने के बाद भी मेरे कार्यालय में मुझसे मिलने के लिए किस अधिकारी की अनुमति लेकर आया। इसे तत्काल गिरफ्तार कर बर्खास्त किया जाए। 
संभागायुक्त ने पत्र में ये लिखा : चंबल कमिश्नर रेनू तिवारी ने 18 जुलाई को अपने कार्यालय से आईजी डीपी गुप्ता को भेजे पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया है कि  “दतिया जिले में पदस्थ सब इंस्पेक्टर भास्कर शर्मा 15 जुलाई को मेरे समक्ष उपस्थित हुआ। एसआई शर्मा गैर शालीन व्यवहार एवं असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए मुझसे बोला कि आपके कारण मेरे ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है, अन्यथा कोई कार्यवाही नहीं होती।”
रेनू तिवारी ने आगे लिखा, “उसने ये भी बताया कि यह सच है कि रामनिवास तिवारी पुत्र परिमाल तिवारी निवासी पुरानी हाउसिंग कॉलोनी की पुत्री के साथ मेरा विवाह तय हुआ और लगुन एवं फलदान में 21 लाख रूपए प्राप्त किए। भास्कर शर्मा ने यह भी कबूल किया कि मेरे जबलपुर में पदस्थ प्रहरी लड़की से पूर्व से ही शारीरिक संबंध हैं तथा जल्दी ही मैं उससे शादी करने जा रहा हूं। उसके द्वारा बताया गया कि यह भी सत्य है कि मेरी पूर्व घनिष्ठ मित्र प्रहरी लड़की व मेरे द्वारा लड़की पक्ष को धमकी दी गई है।”
चंबल आईजी को पत्र लिखकर पूछा– निलंबित सब इंस्पेक्टर किसकी अनुमति लेकर मुझसे मिलने के लिए आया, रिकॉर्ड प्रस्तुत करो  कमिश्नर से बोला दहेज में कार मांगने वाला आरोपी सब इंस्पेक्टर- पुलिस मेरे ऊपर कभी केस दर्ज नहीं करती, आपकी वजह से कायमी की गई है… 
कमिश्नर बोलीं- इसे बर्खास्त करो : कमिश्नर ने आईजी को लिखे पत्र में कहा है मामले में प्रथम दृष्टया दहेज की मांग, लड़की को मानसिक प्रताड़ना तथा 420, लड़की व उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा का भी हनन होना सिद्ध होता है। इसलिए इस जघन्य तथा गंभीर अपराध के दोषी को शासकीय सेवा से बर्खास्त करते हुए शीर्घ गिरफ्तार किया जाए। 
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