
वॉशिंगटन। बारिश का मौसम है और आने वाले महीनों में एक बार फिर से देश में डेंगू, चिकनगुनिया और जीका वायरस के संक्रमण का डर बढ़ने की आंसका है। इन बीमारियों के कारण हर साल देश में हजारों लोग जान गंवा देते हैं। इन बीमारियों के लिए अब तक कोई ठोस और सटिक इलाज उपलब्ध नहीं हो पाया है और इनसे बचने का सही इलाज सावधानी ही है।
लेकिन, वैज्ञानिकों ने इन वायरस का संक्रमण फैलाने वाले मादा एडीज एजिप्टी मच्छर को नियंत्रित करने का तरीका ढूंढ़ लिया है। उन्होंने एक ऐसा टूल बनाया है जो अंडे देने के लिए जगह तलाश रही मादा मच्छर को अपना निशाना बनाएगा।
शोधकर्ताओं का कहना है कि ऑटोसाइडल ग्रेविड ओवीटै्रप टूल (एजीओ) की मदद से चिकनगुनिया को हराया जा सकेगा। अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेशन के वैज्ञानिक ने कहा कि इस रसायन मुक्त टूल से चिकनगुनिया के संक्रमण से सुरक्षा मिलेगी। प्यूर्टोरिको में इस टूल का परीक्षण किया गया था, जो सफल रहा।
अध्ययन के लिए 639 घरों को चुना गया था जिसमें 290 घरों में एजीओ ट्रैप उपलब्ध कराए गए। फिर, जिन घरों में एजीओ ट्रैप दिए गए थे उनमें से 175 व्यक्तियों और अन्य घरों के 152 लोगों के रक्त के नमूने की जांच की गई।
एजीओ ट्रैप वाले घर के केवल उन 10 फीसदी लोगों में ही चिकनगुनिया के लक्षण मिले जो ज्यादातर समय बाहर रहते थे। अन्य घरों के करीब 48.7 फीसदी लोगों में इसके लक्षण मौजूद थे।





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