- हटा के देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में हाईकोर्ट का सरकार को निर्देश, बसपा विधायक रामबाई के पति हैं गोविंद सिंह
- गोविंद सिंह को दो मामलों में हो चुका है अजीवन कारावास, महिलाओं पर अत्याचार सहित 17 मामले कोर्ट में हैं विचाराधीन
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने दमोह के बहुचर्चित देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में बसपा विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह और उसके साथी चंदू उर्फ कौशलेंद्र सिंह के खिलाफ दर्ज प्रकरण की जांच अधिकतम 3 माह में पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही हत्याकांड में शामिल आठ आरोपियों को जमानत देनें से न्यायालय में मना कर दिया। विधायक के पति को पहले ही दो मामलों में अजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। फिलहाल विधायक का पति गोविंद जमानत पर है।
जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अंजुली पालो की खंडपीठ ने सरकार को कहा कि जांच के बाद गोविंद और चंदू अपराध में शामिल पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार करें और कानूनी प्रक्रिया का पालन करें। कोर्ट ने सरकार और आपत्तिकर्ता सोमेश चौरसिया को यह स्वंत्रता दी है कि इस बीच गोविंद और चंदू गवाहों को धमकाते हैं या प्रभावित करने की कोशिश करते हैं तो वे दोबारा अदालत की शरण ले सकते हैं।
कोर्ट ने ये आदेश राज्य सरकार और देवेंद्र के पुत्र सोमेश के उस आवेदन पर दिए, जिसमें गोविंद और चंदू की जमानत निरस्त करने की मांग की गई थी। दरअसल, गोविंद और चंदू को अलग-अलग मामलों में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। जिसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट में अपील पेश की थी। अपीलों पर हाईकोर्ट ने दोनों को जमानत दी है।
मार्च 2019 में देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड हुआ, जिसमें गोविंद और चंदू को भी आरोपी बनाया गया। सरकार और सोमेश ने हाईकोर्ट में आवेदन पेश कर कहा कि दोनों ने जमानत पर रहते हुए फिर से अपराध किया है इसलिए उनकी जमानत निरस्त कर दी जाए। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि दोनों ने पुलिस को आवेदन देकर कहा है कि उनका चौरसिया हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है। सरकार ने कहा कि इस मामले की अभी जांच जारी है।
8 आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज : देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड में शामिल 8 आरोपियों को हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस मोहम्मद फहीम अनवर की एकलपीठ ने कहा कि इस मामले में पुलिस की टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड में गवाहों और चक्षुदर्शियों ने सभी आवेदकों को हत्याकांड में शामिल होने के रूप में पहचाना है। कोर्ट ने आगे कहा कि आरोपियों के खिलाफ आरोप गंभीर हैं, इसलिए गवाहों के बयान और टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड की रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
पहले भा खारिज हो चुकी है अर्जी: हत्याकांड में शामिल अनीश खान, संदीप तोमर, खूबचंद पटेल, सोहेल खान, शाहरुख खान, विक्रम परिहार, बलवीर सिंह राजपूत और सुखेन्द्र अथाया ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन पेश किया था। दमोह की अदालत ने 28 मई को सभी की जमानत खारिज कर दी थी। सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं। आरोपियों की ओर से कहा गया कि वे बेकसूर हैं और उन्हें झूठा फंसाया गया है। अभी इस मामले की ट्रायल पूरी होने में देर लगेगी इसलिए उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए।
क्या है पूरा मामला : आरोप है कि गोविंद सिंह, चंदु सिंह, गोलू सिंह, लोकेश सिंह ने पुरानी रंजिश के चलते उक्त आरोपियों के साथ मिलकर 15 मार्च को डामर प्लांड के ऑफिस के पास देवेन्द्र चौरसिया, महेश चौरसिया और सोमेश चौरसिया पर धारदार हथियारों से हमला किया। देवेन्द्र की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि सोमेश और महेश को गंभीर चोटें आईं। सोमेश की शिकायत पर दमोह के हटा पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ भादंवि की धारा 302, 323, 324, 392, 506, 120बी, 102 सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। इस मामले में पुलिस ने करीब 35 लोगों को आरोपी बनाया है।




Be First to Comment