
वाशिंगटन। भारत सरकार ने सोमवार को अनुच्छेद 370 पर जो फैसला लिया उसे लेकर दुनियाभर की प्रतिक्रिया आ रही है। कश्मीर मुद्दे पर पिछले दिनों मध्यस्था की बात करने वाले ट्रंप को लेकर पाकिस्तान में कड़ प्रतिक्रिया दी जा रही है।
वहीं सरकार के फैसले के बाद अमेरिका ने कहा है कि वह जम्मू-कश्मीर के घटनाक्रम पर करीब से निगाह रख रहा है। पाकिस्तान का नाम लिए बगैर उसने सभी पक्षों से अनुरोध किया कि वे नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शांति और स्थिरता बनाए रखें।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मॉर्गन ओर्टागस ने कहा, “हमने जम्मू-कश्मीर की संवैधानिक स्थिति में संशोधन की भारतीय घोषणा और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने की योजना का संज्ञान लिया है।” साथ ही उन्होंने कहा कि भारत ने जम्मू-कश्मीर में कार्रवाई को पूरी तरह आंतरिक मामला करार दिया है। लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन पर चिंता भी व्यक्त की।
भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने की अपील
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने भी भारत और पाकिस्तान से अधिकतम संयम बरतने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि दोनों तरफ से कोशिश होनी चाहिए कि स्थिति अब और ज्यादा न बिगड़े। हाल के दिनों में नियंत्रण रेखा पर हो रही गोलीबारी और सोमवार को भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के बाद एकाएक बढ़े तनाव के मद्देनजर गुतेरस ने यह अनुरोध किया है। यह जानकारी महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने दी है।
महासचिव की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र के सैन्य पर्यवेक्षक दल ने बताया है कि हाल के दिनों में नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों की सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। इसका कारण दोनों देशों के बीच तनाव का बढ़ना है। ऐसे में दोनों देशों को टकराव से बचने के लिए अधिकतम संयम बरतने की आवश्यकता है। ऐसा कोई कार्य न किया जाए जिससे स्थिति और बिगड़े।





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