
क्या सच मे नोकझोक हुई या विधायक के द्वारा मुद्दा बनाया गया हैं ?
विधायक जिसका नाम लेकर बोलें कि घटनाक्रम इनसे पूछ लो वो सोते रहे बैठक में
सर्मथकों ने भी नही दिया साथ ?
शिवपुरी। कल कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मुझे बैठक में हर तरह से धमकाया गया हैं। मुझसे बोला गया शांत रह तू ,देख लेंगे ,मीटिंग खत्म होने दें इस तरह की बातें विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने मीडिया को बताई इस बात के बाद वीरेंद्र रघुवंशी के साथी समर्थक से मीडिया द्वारा पूछा गया तो समर्थक बोलें की मेरी नींद लग गईं थी। मुझे तो ये भी नही पता कि मेडीकल कॉलेज कहा बन रहा हैं। पत्रकारों द्वारा पूछा गया कि आप बैठक में सोने आई थी क्या तो समर्थक बोलें की मेरा स्वास्थ्य खराब हैं मेरी झपकी लग गई थी। मुझे कुछ नही मालूम कि क्या बात हुई हैं अंदर ओर तो ओर उनको ये तक नही मालूम कि मेडीकल कॉलेज कहा बन रहा हैं।
एक तरफ वीरेंद्र रघुवंशी बोलें की आज विषय योजना समिति की बैठक में मुझे बुलाया जो कि प्रभारी मंत्री के एजेंडे में शिवपुरी में नवीन मेडीकल कॉलेज का निर्माण हुआ हैं। उसका नामकरण स्व. माधव राव सिंधिया जी के नाम रखा जाएं इस बात पर मैनें भावनाओ से उतपोरित होकर महात्मा गांधी जी के नाम पर रखा जाएं ऐसा सुझाव दिया।
इस बात के पश्चात प्रभारी मंत्री और विधायक के बीच नोकझोक हो गई वीरेंद्र रघुवंशी बोलें कि आप बताएं मैंने कोन सी गलती कर दी कोन सी गद्दारी कर दी मैने भरे मंच से राहुल गांधी के सामने कांग्रेस को छोड़ा। पत्रकारों ने पूछा कि आपसे बैठक में क्या कहा गया। तब विधायक बोलें हर तरह से मुझे धमकाया गया बोला गया देख लूंगा ,जवान बंद कर ले ,मीटिंग खत्म होने दें केबल इस बात को लेकर कि तुमने इस बात को काटा कि कॉलेज का नाम स्व. माधव राव सिंधिया जी के नाम नही रखा जाएगा। ओर महात्मा गांधी जी का नाम रखा जाए मेरी पूरी तरह बेज्जती करके मुझे पीटने पर उतारू हो गए।
प्रभारी मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर से जब इस बारे में चर्चा की गईं तो उन्होंने साफ इंकार करते हुए कहा कि ऐसा कुछ भी नही हुआ हैं। कोई धमकी नही दी गईं हैं। कॉलेज के नाम का प्रस्ताव कैलाशबाशी माधव राव सिंधिया के नाम पर रखने का दिया है।
अब जब अगर ऐसा हुआ हैं तो विधायक ने जिनका नाम लिया उन्होंने सच्चाई क्यों नही बताई क्या सुर्खियों में रहने के लिए विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने ये कहानी रची अभी हाल में ही आपकी सरकार आपके द्वार में भी विधायक ने प्रशासन को घेरा था। अगर घटना क्रम हुआ तो ओर कोई सामने क्यो नही आया। अगर इतनी बातचीत हुई हैं विधायक के अनुसार तो समर्थकों को नींद भी आ गईं ?






Be First to Comment