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महाविद्यालय में प्रवेश लेने के बाद अनुपस्थित छात्रों की तलाश जारी : डॉ राठौर | Shivpuri News

शिवपुरी। शासकीय श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी में कार्यरत अतिथि विद्वान डॉ रामजी दास राठौर ने छात्र-छात्राओं को बताया कि जुलाई में प्रवेश लेने के बाद महाविद्यालय के छात्र अपनी कक्षाओं में अध्ययन करने के लिए उपस्थित नहीं हो रहे हैं। महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त वाणिज्य विभाग के छात्र-छात्राओं के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि मेरी स्वयं की क्लास में बीकॉम प्रथम वर्ष में अभी तक लगभग 40%, बीकॉम द्वितीय वर्ष में 20%, तृतीय वर्ष में 10%, एमकॉम प्रथम सेमेस्टर में 25% एवं एम कॉम तृतीय सेमेस्टर में 10% छात्र-छात्राओं ने ही अपनी कक्षाओं में उपस्थित दर्ज कराई है। डॉ रामजी दास राठौर द्वारा व्यक्तिगत रूप से छात्र-छात्राओं को विभिन्न माध्यमों से कई बार सूचित किया जा चुका है कि वह महाविद्यालय में आकर अपनी सभी कक्षाओं में  नियमित रूप से अध्यापन कार्य के लिए उपस्थित रहें लेकिन आज दिनांक तक विभिन्न माध्यमों से सूचित करने के बाद भी महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त छात्र अपनी कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। इस जानकारी के माध्यम से महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त छात्र – छात्राएं एवं उनके अभिभावक लिखित रूप से स्पष्टीकरण दें कि उनका महाविद्यालय में नियमित रुप में प्रवेश क्यों रखा जाए? नियमित प्रवेश रहने के लिए महाविद्यालय में सभी छात्रों की अनिवार्य रूप से 75% उपस्थिति होनी चाहिए जबकि महाविद्यालय में छात्रों की औसत अनुपस्थिति 30-40 प्रतिशत रही है। यदि महाविद्यालय में अध्यापन करने के लिए छात्रों को आना ही नहीं है तो वह केवल नाम मात्र के लिए वह प्रवेश क्यों प्राप्त करते हैं? हमारा महाविद्यालय शासकीय महाविद्यालय है और जिन नियमों की जानकारी छात्र छात्राओं को दी जा रही है वह शासन द्वारा आदेशित हैं। शासन की सभी सुविधाओं का लाभ छात्र छात्राओं को केवल उपस्थिति के आधार पर दिया जाता है। यदि महाविद्यालय प्रशासन द्वारा किसी भी छात्र की उपस्थिति गलत दर्ज की जाती है तो यह कानून सम्मत भी नहीं है। अतः इस सूचना के माध्यम से सभी छात्रों को अंतिम चेतावनी दी जाती है कि महाविद्यालय में आकर तत्काल प्रभाव से अध्यापन कार्य करें अन्यथा की स्थिति में सीसीई परीक्षाओं के साथ ही आगामी परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। शासन द्वारा प्रदत्त छात्रवृत्ति आदि की सुविधाओं से भी वंचित किया जा सकता है, जिसकी समस्त जवाबदारी छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों की रहेगी। महाविद्यालय में प्रवेश के समय कई अभिभावकों द्वारा छात्रों को प्रवेश कराया गया तथा बताया गया कि कुछ दिन बाद छात्र महाविद्यालय में अध्यापन के लिए आ जाएंगे वह छात्र भी आज दिनांक तक उपस्थित नहीं हुए हैं। अतः डॉ रामजी दास राठौर ने महाविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं को सूचित किया है कि मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के अधीन बनाए गए अध्यादेश क्रमांक 6 के अनुसार अपनी उपस्थिति 75%अनिवार्य रूप से बनाए रखें। अन्यथा की स्थिति में आगामी अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।

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