
माँग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शिवपुरी के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री राजेश गुप्ता व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने विषयक
शिवपुरी। शहर के सतनबाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुलदीप ढाबा के पास कल रात हुई न्यायाधीश की मौत के मामले में शिवपुरी के एडवोकेट विजय तिवारी ने सतनबाडा थाने में आबेदन दिया हैं। जिसमे उल्लेख हैं कि उपरोक्त विषयांतर्गत लेख है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा ग्वालियर से देवास फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है। ग्वालियर की ओर से शिवपुरी जाने से पूर्व कुलदीप ढाबे के सामने से उक्त फोर लाइन सड़क समाप्त होकर पुरानी टू लेन सड़क में परिवर्तित हो गई है तथा उसके पश्चात शिवपुरी बाईपास एवं नवनिर्मित फोरलेन बायपास की स्थिति अत्यधिक जर्जर है कुलदीप ढाबे के सामने से पुराने ग्वालियर वायापास चौराहा एवं नबनिर्मित फोरलेन बायपास तक आने में कार चालको एवं छोटे बाहनों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है शिवपुरी से ग्वालियर के बीच लगभग 113 किलोमीटर दूरी में एनएचएआई द्वारा दो स्थानों पर टोल टैक्स वसूल किया जा रहा है किंतु आज दिनांक शतप्रतिशत राजमार्ग का निर्माण नहीं किया गया है एवं लापरवाही के कारण दुर्घटना होती रहती हैं पूर्व में भी इस संबंध विजय तिवारी द्वारा सूचना दी गई थी इसके उपरांत भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है दिनांक 23.11.19 को रात्रि लगभग 9:30 श्योपुर मध्य प्रदेश में पदस्थ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री सुरेंद्र सिंह कुशवाह ग्वालियर से शिवपुरी की ओर आ रहे थे तथा कुलदीप ढाबे के सामने फोरलेन के अचानक टू लेन में परिवर्तित होने तथा कोई संकेतक ना होने से उनकी कार कंटेनर में पीछे से जा घुसी तथा उस दुर्घटना में श्री सुरेंद्र सिंह कुशवाह घटनास्थल पर ही अकाल मृत्यु को प्राप्त हो गए एनएचएआई की लापरवाही व कर्तव्य उदासीनता के कारण आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के कारण जाने कितने परिवार उजड़ रहे हैं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का एकमात्र कार्य केवल टोल वसूली नही हैं। यात्रीगण को अपेक्षित सुविधाएं प्रदान करना भी है जिसमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शिवपुरी के प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश गुप्ता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण की स्पष्ट लापरवाही दृष्टिगोचर हो रही है अतः निवेदन है कि व्यापक लोकहित में आमजन की जिंदगी बचाने हेतु भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश गुप्ता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण पंजीकृत किया जाएं






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