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राशन समस्या का निराकरण ना होने पर फिर लगाई जनसुनवाई में गुहार | Shivpuri News

मामला ग्रापं वीरा में राशन दुकान का, राशन के बदले आदिवासी परिवारों को मिल रही गालियां
शिवपुरी। समस्या निराकरण ना होने को लेकर जब भौंती के एक नागरिक ने टंकी पर चढ़कर जिला प्रशासन को अपने समक्ष बुलाने की चुनौती दी और काफी हो-हंगामे के बाद वह पुलिस व स्थानीय प्रशासन की मदद से नीचे उतारा गया और उसकी समस्या निराकरण को लेकर प्रशासनिक टीम लगी रही। लेकिन क्या आखिरकार लोगों को इसी तरह के प्रदर्शन कर अपनी समस्या का निराकरण करा पाना जिला प्रशासन के लिए उचित है, जबाब होगा नहीं, तो फिर बार-बार जनसुनवाई में आने वाली समस्याओं का निराकरण उचित समय में क्यों नहीं किया जा रहा, एक बार फिर राशन समस्या को लेकर पिछोर स्थित शास.उचित मूल्य की दुकान वीरा में आदिवासियों को सेल्समैन द्वारा राशन के बदले मिल रही गालियों के चलते अपनी समस्या लेकर जनसुनवाई में आना पड़ा और यहां उनका आवेदन लेकर संबंधित विभाग को भेज दिया गया, लेकिन इसके बाद भी इन आदिवासी परिवारों को न्याय नहीं मिला और आज भी यह शासन की महती योजना शासकीय उचित मूल्य की दुकान से राशन प्राप्त करने से वंचित है। इन आदिवासियों ने बताया कि शासकीय उचित मुल्य की दुकान वीरा में राशन के बदले वहां नियम विरूद्ध कार्य कर रहे सेल्समैन के द्वारा जातिसूचक गालियां मिल रही है जब वह विरोध करते है तो दबंग सेल्समैन अपनी दबंगाई दिखाते हुए मारपीट करने व अधिकारियो से सांठगांठ कर उन्हें इस काले कारोबार में सहभागी बताने से भी नहीं चूक रहा। ग्राम वीरा की उचित मूल्य की दुकान पर करीब 4 माह से राशन ना मिलने से आहत ग्रामीणों ने जनसुनवाई में एक-एक कर तीसरी बार फिर से अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए सेल्समैन के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की है और स्वयं के लिए शासन के नियम निर्देशों के मुताबिक राशन प्रदाय करने की गुहार लगाई है। इसके पूर्व यह आदिवासी परिवार 28 नवम्बर और 03 दिसम्बर को भी जनसुनवाई में अपनी समस्या रख चुके है लेकिन आवेदन पर अब तक गौर नहीं किया गया और यह एक बार फिर आज हुई जनसुनवाई में करीब आधा सैकड़ा की संख्या में जिला मुख्यालय आ पहुंचे। यहां बता दें गरीब आदिवासियों ने अपने लिए राशन की गुहार जनसुनवाई में जिला प्रशासन से की है इसके पूर्व की जनसुनवाई में भी वह आए थे और काम-काज मेहनत मजदूरी छोड़ वह न्याय के लिए जिला प्रशासन के समक्ष भटक रहे है सभी आदिवासियों ने न्याय की मांग की है। 
इनका कहना है
वीरा की यह शास.उ.मूल्य की दुकान मार्केटिंग द्वारा चलाई जा रही है, यहां संतोष गुप्ता विक्रेता है और रामबाबू शिवहरे दुकान चला रहा है तो संस्था पर तय करता है वह किससे चलवााए, कोई बाहरी व्यक्ति दुकान का संचालन नहीं कर सकता, संस्था को नवीन विक्रेता नियुक्त करने का अधिकार है और यदि राशन ग्रामीणों को नहीं मिल रहा तो हम मामले की जांच क रेंगें और दोषी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।
राकेश सिंह चौहान, प्रशासक,
विपणन सहकारी संस्था पिछोर, जिला शिवपुरी
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