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कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर सहकारी बैंक के 12 बकायादारों की संपत्तियां कुर्क, तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण शर्मा की कार्रवाई से मचा हड़कंप / Shivpuri News

शिवपुरी। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की बकाया राशि वसूलने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर तहसील शिवपुरी में बैंक के 12 बकायादारों की संपत्तियां कुर्क की गई हैं। अब इन संपत्तियों की नीलामी के जरिए बकाया राशि की वसूली की जाएगी। यह कार्रवाई तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण शर्मा द्वारा की गई।

प्रशासन के अनुसार, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शिवपुरी की पुरानी शिवपुरी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति और कोटा से संबंधित बकायादारों के खिलाफ तहसीलदार न्यायालय में अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए थे। संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर 27 अक्टूबर तक बकाया राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय तक राशि जमा नहीं करने और उपस्थित नहीं होने पर संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की गई।

इन गांवों के बकायादारों की संपत्तियां कुर्क

प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, ग्राम बांसखेड़ी के गुरदेव सिंह पर 23 लाख 8 हजार 362 रुपये की सबसे अधिक बकाया राशि बताई गई है। उनकी सर्वे नंबर 534 की भूमि कुर्क की गई है।

इसी गांव के गुरमीत कौर पर 1 लाख 23 हजार 315 रुपये, गुरप्रीत सिंह पर 2 लाख 53 हजार 975 रुपये, दीदार सिंह पर 3 लाख 39 हजार 679 रुपये, सतनाम सिंह पर 3 लाख 29 हजार 390 रुपये, गुरजिंदर कौर पर 1 लाख 5 हजार 4 रुपये, गुरविंदर कौर पर 3 लाख 58 हजार 296 रुपये और जगजीत सिंह पर 3 लाख 2 हजार 275 रुपये की बकाया राशि बताई गई है। इन सभी की संबंधित सर्वे नंबरों की भूमि कुर्क की गई है।

इसके अलावा ग्राम बरेठ के कप्तान सिंह गुर्जर पर 1 लाख 66 हजार 525 रुपये, ग्राम भगौरा के जहार सिंह पर 1 लाख 91 हजार 903 रुपये, ग्राम करई की मारकूलिन गिल पर 1 लाख 94 हजार 193 रुपये तथा ग्राम कोटा के जसवीर सिंह पर 1 लाख 84 हजार 653 रुपये की बकाया राशि है। इन बकायादारों की संबंधित भूमि भी कुर्क की गई है।

नीलामी से होगी बकाया राशि की वसूली

प्रशासन के मुताबिक, मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 147 के प्रावधानों के तहत कुर्क की गई संपत्तियों की नीलामी कर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शिवपुरी की बकाया राशि वसूल की जाएगी।

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सहकारी बैंक के बकायादारों से राशि वसूली के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि निर्धारित समय पर बकाया राशि जमा नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।