शिवपुरी जिले के करैरा विधानसभा क्षेत्र के खैराघाट विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत आने वाले सिरसौद गांव में लगातार हो रही लोड शेडिंग और बिजली कटौती के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फिर फूट पड़ा। ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री की प्रतीकात्मक अर्थी तैयार कर गांव में शवयात्रा निकाली और बिजली विभाग व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रतीकात्मक शवयात्रा रामराजा मंदिर से शुरू होकर गांव के प्रमुख मार्गों से होती हुई सिरसौद–पिछोर मार्ग तक पहुंची। यहां विधि-विधान के साथ प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ढपला भी बजाया गया, जिससे पूरे गांव में अलग ही माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
अंतिम संस्कार के बाद ग्रामीणों ने सरकार की “आत्मा की शांति” के लिए प्रतीकात्मक मौन भी रखा। इसके बाद पंचायत के बोरवेल की मोटर पर स्नान कर अपना विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों का कहना है कि सोमवार को इसी समस्या को लेकर सिरसौद–पिछोर मार्ग पर करीब तीन घंटे तक चक्का जाम किया गया था। उस दौरान बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) ने उच्च अधिकारियों से चर्चा कर लोड शेडिंग की समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद सोमवार रात 8 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक फिर बिजली आपूर्ति बंद रही। भीषण गर्मी और उमस के बीच पूरी रात बिजली नहीं मिलने से लोग मच्छरों के प्रकोप से जूझते रहे। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा और अधिकांश ग्रामीण पूरी रात जागने को मजबूर रहे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द नियमित बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो उनका आंदोलन और उग्र किया जाएगा।








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