शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम आमोलपठा और पारागढ़ क्षेत्र के किसानों ने पवन खटीक के क्रेशर के संचालन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि क्रेशर पर हो रही लगातार ब्लास्टिंग के कारण पत्थरों के टुकड़े उनके खेतों तक पहुंच रहे हैं, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ता कमल प्रसाद लोधी ने बताया कि ब्लास्टिंग के दौरान उड़ने वाले पत्थर और धूल सीधे कृषि भूमि तक पहुंचते हैं। इससे फसलों को नुकसान हो रहा है और किसानों में दहशत का माहौल है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
इससे पहले 24 दिसंबर 2024 को प्रकाश लोधी ने भी खनिज अधिकारी शिवपुरी को आवेदन देकर ग्राम पारागढ़ के सर्वे नंबर 355 पर क्रेशर की स्वीकृति का विरोध किया था। आवेदन में कहा गया था कि यदि यहां क्रेशर संचालित किया गया तो आसपास की कृषि भूमि, फसलों और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अब किसानों ने फिर से प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो संबंधित क्रेशर संचालक के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।








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