शिवपुरी जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और ग्राम पंचायत में करोड़ों रुपए के कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ग्राम ठेह निवासी अरविन्द्र धाकड़ ने मंगलवार को कलेक्टर शिवपुरी और जनपद पंचायत सीईओ को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में एक ओर सरकारी भूमि से कब्जा हटाने की मांग की गई है, तो दूसरी ओर ग्राम पंचायत सुहारा में बिना निर्माण कार्य कराए फर्जी तरीके से राशि निकालने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अरविन्द्र धाकड़ ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि ग्राम मेहदावली तहसील शिवपुरी स्थित सर्वे नंबर 16/2 रकबा 2.000 हेक्टेयर में से 0.3000 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर सुरेश पुत्र हरविलास धाकड़ निवासी ग्राम सुहारा द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार इस मामले की शिकायत पहले भी तहसील कार्यालय में की गई थी, जिस पर नायब तहसीलदार वृत्त ठर्रा न्यायालय द्वारा कब्जा हटाने के आदेश जारी किए गए थे। इसके बावजूद आज तक सरकारी भूमि को कब्जामुक्त नहीं कराया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कब्जा हटाने की बात कहने पर आरोपी गाली-गलौज कर लड़ाई-झगड़े पर आमादा हो जाता है। आवेदन के साथ न्यायालय के आदेश की प्रति भी संलग्न की गई है। अरविन्द्र धाकड़ ने प्रशासन से सरकारी जमीन से तत्काल कब्जा हटवाकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ राजस्व एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं दूसरी शिकायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत शिवपुरी को सौंपते हुए अरविन्द्र धाकड़ ने ग्राम पंचायत सुहारा में बड़े स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि पंचायत में कई निर्माण कार्य धरातल पर हुए बिना ही फर्जी तरीके से भुगतान निकाल लिया गया। आरोप है कि तलैया, रपटा और सीसी निर्माण कार्यों के नाम पर 1 से 2 करोड़ रुपए तक की राशि सरपंच, इंजीनियर और अन्य संबंधित लोगों द्वारा निकाल ली गई और उसमें बंदरबांट की गई।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले में पूर्व में शिकायत के बाद जांच प्रतिवेदन आर.डी. चौबे, लोक सूचना अधिकारी जिला पंचायत शिवपुरी द्वारा प्रस्तुत किया जा चुका है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि 19 मई 2026 के बाद भी पंचायत खाते से राशि निकाली जाती है तो इसकी जिम्मेदारी जनपद पंचायत और जिला पंचायत अधिकारियों की होगी।
ग्रामीण ने प्रशासन से ग्राम पंचायत सुहारा के खाते पर तत्काल रोक लगाने, निकाली गई राशि की जांच कराने, अवैध भुगतान की वसूली करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।







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