शिवपुरी में बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए “Movement Against Unemployment” शिवपुरी जिला इकाई ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में NEET UG पेपर लीक मामले, भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चिंता जताई गई।
संगठन ने ज्ञापन में कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG का प्रश्न पत्र बड़े पैमाने पर लीक होना देश के लाखों छात्रों के साथ अन्याय है। आरोप लगाया गया कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की लापरवाही और कोचिंग संस्थानों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े स्तर पर पेपर लीक संभव नहीं है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जब NEET लागू किया गया था, तब इसे भ्रष्टाचार और पक्षपात मुक्त व्यवस्था बताया गया था, लेकिन वर्तमान घटनाओं ने उस दावे को गलत साबित कर दिया।
संगठन के अनुसार पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्र और उनके अभिभावक मानसिक तनाव और अवसाद का सामना कर रहे हैं। ऐसे में पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में NEET सहित सभी पेपर लीक मामलों की न्यायिक जांच, NTA के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई, भविष्य में पेपर लीक रोकने की गारंटी, NTA को समाप्त करने, मेडिकल प्रवेश में 12वीं की मेरिट आधारित व्यवस्था लागू करने और भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग शामिल है।
इसके अलावा मध्यप्रदेश में समाप्त किए जा रहे 1.20 लाख पदों को बहाल कर सभी विभागों में स्थायी भर्ती करने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है। साथ ही शिवपुरी जिले में भी NEET परीक्षा केंद्र बनाए जाने की मांग रखी गई।
शिवपुरी जिला इकाई का कहना है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।







Be First to Comment